गौतमबुद्धनगर: कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के सपनों को साकार करने का संकल्प, शिक्षा-स्वास्थ्य और रोजगार पर होगा विशेष फोकस!!
दो टूक//नोएडा। गुर्जर समाज के महान जननायक एवं आरक्षण आंदोलन के प्रणेता स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के विचारों और अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नोएडा में समाज के प्रबुद्धजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। चौधरी बेगराज गुर्जर के आवास पर आयोजित इस बैठक में समाज को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उत्थान के माध्यम से मजबूत बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में स्वर्गीय कर्नल बैसला की पुत्री एवं भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) से सेवानिवृत्त अधिकारी सुनीता बैसला विशेष रूप से मौजूद रहीं।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला ने अपना पूरा जीवन समाज के अधिकारों, शिक्षा और सम्मान की लड़ाई को समर्पित किया। अब उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज को नई दिशा देने का समय है। इस दौरान कर्नल बैसला द्वारा स्थापित "सुयोग संस्था" के कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी गई।
बताया गया कि सुयोग संस्था द्वारा राजस्थान में छात्र-छात्राओं के लिए एक हजार से अधिक लाइब्रेरी स्थापित की जा चुकी हैं। इसके साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को निःशुल्क पुस्तकें उपलब्ध कराकर उन्हें शिक्षा से जोड़ने का सराहनीय कार्य लगातार किया जा रहा है। संस्था अब शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी तेजी से कार्य कर रही है।
बैठक के समापन पर सुनीता बैसला ने स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला के जीवन संघर्ष और प्रेरणादायी विचारों पर आधारित पुस्तक "हिम्मत, मेहनत और नियत" सभी उपस्थित लोगों को भेंट की। उन्होंने कहा कि उनके पिता का सपना था कि गुर्जर समाज शिक्षित, स्वस्थ और आत्मनिर्भर बने। सुयोग संस्था उसी संकल्प को साकार करने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने समाज के लोगों से गांव-गांव तक इस अभियान को पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि स्वर्गीय कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला केवल एक आंदोलनकारी नहीं, बल्कि समाज को नई सोच देने वाले दूरदर्शी नेता थे। उन्होंने समाज को "हिम्मत, मेहनत और नियत" का जो मंत्र दिया, वही आज भी हर युवा के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि एक हजार से अधिक लाइब्रेरी और जरूरतमंद विद्यार्थियों तक मुफ्त पुस्तकें पहुंचाना कर्नल साहब की दूरदृष्टि का जीवंत उदाहरण है। अब गरीब और जरूरतमंद परिवारों को शिक्षा के साथ रोजगार से जोड़ने का जो संकल्प लिया गया है, उसे सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना होगा। यही कर्नल साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
बैठक में समाज की एकजुटता, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक विकास को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। वक्ताओं ने शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए युवाओं से सामाजिक सरोकारों से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. महेंद्र सिंह नागर, चौधरी बेगराज गुर्जर, जगबीर सिंह भाटी, अजीत सिंह दौला, समय सिंह कसाना, एडवोकेट धर्मवीर सिंह चौहान, विकास चौधरी सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।।
