गोण्डा- भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ता अजय राठौर ने विजली विभाग को खुली चेतावनी दी है और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है। अपने पोस्ट में उन्होंने कहा है कि अगर इटियाथोक क्षेत्र में बिजली कटौती नहीं खत्म हुई तो वह भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि इटियाथोक क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, बार-बार फॉल्ट और अनियमित रोस्टिंग से बिजली उपभोक्ता, बच्चे, किसान, व्यापारी, मजदूर, विद्यार्थी एवं मरीज सभी गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। यह समस्या अब असहनीय होती जा रही है। यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और जनता की समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ, तो क्षेत्रवासियों के हित में उन्हें बिजली विभाग के विरुद्ध भूख हड़ताल करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। उन्होंने लिखा कि यह किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि इटियाथोक की जनता के अधिकार और जनहित की आवाज़ है।
"यह है पूरा मामला"
इटियाथोक क्षेत्र में इन दिनों विजली सप्लाई की हालत अत्यंत खराब है। उमस और भीषण गर्मी में यहां लोगो को दिन रात अघोषित विजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आम जनता में जिम्मेदारों के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है।
बताते चले कि इटियाथोक पावर हाउस को बेंदुली से बिजली प्राप्त होती है। इटियाथोक को बिजली मिलने के बाद यहां से संचालित 8 फीडरों को आपूर्ति होती है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो अधिक लोड की वजह से सभी फीडर एक साथ नही चल पाते है, क्योंकि यहां की मशीने और दोनो मुख्य ट्रांसफार्मर के सापेक्ष लोड अधिक है। ऐसे में बारी बारी से रोस्टिंग करके फीडरों को क्रमशः चलाया जाता है। लोगो का दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात भारी पड़ जाती है। रात के वक्त कई बार एक या अधिक घंटे की रोस्टिंग बेंदुली से होती है। जब यह रोस्टिंग बहाल होती है तो उसके बाद लोकल रोस्टिंग यानी इटियाथोक पावर हाउस से बारी बारी से फीडर चलाने का क्रम शुरू होता है।
आम जनता और विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि अगर इटियाथोक पावर हाउस की क्षमताबृद्धि हो जाये तो कमसे कम लोकल रोस्टिंग से मुक्ति मिल जाये। वहीं कुछ जानकार बताते है कि संबंधित अधिकारी पिछले कई साल से क्षमताबृद्धि हेतु लिखा पढ़ी कर रहे है लेकिन सफलता नही मिल रही है।
क्षेत्र के गुड्डू, अजय, संतोष, पवन, भोला, ननकू, दुर्गेश, हेमन्त, शैलेन्द्र आदि का कहना है कि भले ही सभी फीडरों पर लाखों की सरकारी रकम व्यय करके उनको दुरुस्त किया गया लेकिन अब पावर हाउस ही साथ नही दे रहा है, इस वजह निर्बाध विजली आपूर्ति नही हो पा रही है। लोगो ने इटियाथोक पावर हाउस के क्षमताबृद्धि की मांग उठाई है।
"इस बाबत इटियाथोक पावर हाउस के अवर अभियंता अंकुर सिंह ने बताया कि पावर हाउस के क्षमता बृद्धि हेतु लिखा पढ़ी की गई है, जल्द ही सफलता मिल सकती है। बेंदुली से होने वाली रोस्टिंग को लेकर उन्होंने कहा कि सिस्टम ओवरलोड होने पर आलाधिकारियों के निर्देश पर बेंदुली से रोस्टिंग होती है, इसमे हमारी कोई भूमिका नहीं होती है।"
