सोमवार, 13 जुलाई 2026

गोण्डा- विजली के मामले में इटियाथोक क्षेत्र का यह दुर्भाग्य नही तो क्या है? बार बार की रोस्टिंग ने जनता को किया बेहाल, पावर हाउस नही दे पा रहा साथ

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गोण्डा- जिले के इटियाथोक क्षेत्र में इन दिनों विजली सप्लाई की हालत अत्यंत खराब है। उमस और भीषण गर्मी में यहां लोगो को दिन रात अघोषित विजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में आम जनता में जिम्मेदारों के प्रति भारी आक्रोश पनप रहा है।
---क्या है असली वजह----
बताते चले कि इटियाथोक पावर हाउस को बेंदुली से बिजली प्राप्त होती है। इटियाथोक को बिजली मिलने के बाद यहां से संचालित 8 फीडरों को आपूर्ति होती है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो अधिक लोड की वजह से सभी फीडर एक साथ नही चल पाते है, क्योंकि यहां की मशीने और दोनो मुख्य ट्रांसफार्मर के सापेक्ष लोड अधिक है। ऐसे में बारी बारी से रोस्टिंग करके फीडरों को क्रमशः चलाया जाता है। लोगो का दिन तो किसी तरह कट जाता है लेकिन रात भारी पड़ जाती है। रात के वक्त कई बार एक या अधिक घंटे की रोस्टिंग बेंदुली से होती है। जब यह रोस्टिंग बहाल होती है तो उसके बाद लोकल रोस्टिंग यानी इटियाथोक पावर हाउस से बारी बारी से फीडर चलाने का क्रम शुरू होता है। 
आम जनता और विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि अगर इटियाथोक पावर हाउस की क्षमताबृद्धि हो जाये तो कमसे कम लोकल रोस्टिंग से मुक्ति मिल जाये। वहीं कुछ जानकार बताते है कि संबंधित अधिकारी पिछले कई साल से क्षमताबृद्धि हेतु लिखा पढ़ी कर रहे है लेकिन सफलता नही मिल रही है।
क्षेत्र के गुड्डू, अजय, संतोष, पवन, भोला, ननकू, दुर्गेश, हेमन्त, शैलेन्द्र आदि का कहना है कि भले ही सभी फीडरों पर लाखों की सरकारी रकम व्यय करके उनको दुरुस्त किया गया लेकिन अब पावर हाउस ही साथ नही दे रहा है, इस वजह निर्बाध विजली आपूर्ति नही हो पा रही है। लोगो ने इटियाथोक पावर हाउस के क्षमताबृद्धि की मांग उठाई है।
इस बाबत इटियाथोक पावर हाउस के अवर अभियंता अंकुर सिंह ने बताया कि पावर हाउस के क्षमता बृद्धि हेतु लिखा पढ़ी की गई है, जल्द ही सफलता मिल सकती है।।
(गोण्डा से प्रदीप पांडेय की रिपोर्ट)