गौतमबुद्धनगर: नोएडा में फर्जी जॉब रैकेट का भंडाफोड़: SpiceJet में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों की साइबर ठगी, फर्जी कॉल सेंटर से चार गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना फेस-1 पुलिस ने "ऑपरेशन साइबर वज्र" के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए SpiceJet एयरलाइंस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मौके से 8 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 9 डेबिट कार्ड, 13 सिम कार्ड, तीन बैंक पासबुक (म्यूल खाते) तथा चार यूपीआई साउंड बॉक्स समेत ठगी में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई 2026 को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुदेश सिंह, बृजेश भदौरिया, अर्जुन और संदीप कुमार तिवारी के रूप में हुई है। सभी आरोपी लंबे समय से संगठित तरीके से साइबर ठगी के इस नेटवर्क का संचालन कर रहे थे।
'ऑपरेशन साइबर वज्र' के तहत मिली बड़ी सफलता
थाना फेस-1 पुलिस ने बताया कि "ऑपरेशन साइबर वज्र" के अंतर्गत थाना स्तर पर करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही थी। इनमें 19 खातों को रेड जोन के रूप में चिन्हित किया गया था। लगभग 2500 मोबाइल नंबरों और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान इस फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
Quicker समेत अन्य वेबसाइटों से जुटाते थे बेरोजगारों का डेटा
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे Quicker.com और अन्य वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे लोगों का डाटा हासिल करते थे। इसके बाद खुद को SpiceJet कंपनी का अधिकारी बताकर फोन करते और नौकरी दिलाने का भरोसा देते थे। भरोसा जीतने के बाद अभ्यर्थियों के नाम से फर्जी जॉब ऑफर लेटर तैयार कर भेजा जाता था और रजिस्ट्रेशन फीस, मेडिकल फीस, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तथा प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये वसूल लिए जाते थे।
ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों यानी म्यूल खातों में जमा कराई जाती थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड नष्ट कर देते थे और नए सिम कार्ड गरीब एवं अनजान लोगों को लालच देकर उनके नाम पर जारी कराते थे, ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें।
देशभर में दर्ज हैं 20 से अधिक शिकायतें
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर विभिन्न राज्यों से 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की कुल रकम का पता लगाने में जुटी है।
यह सामान हुआ बरामद
- घटना में प्रयुक्त 8 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप
- 9 डेबिट कार्ड
- 13 सिम कार्ड
- 3 बैंक पासबुक (म्यूल खाते)
- 4 यूपीआई साउंड बॉक्स
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में मुकदमा संख्या 343/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 336(3), 340(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
