रायबरेली /बछरावां :
सईं नदी तट पर सावन में 'भंवरेश्वर धाम भक्तों के लिए' तैयार: आस्था,कांवड़ के संगम पर प्रशासन अलर्ट।।
●सावन में लाखों शिवभक्तों के आगमन की तैयारी पूरी, सई नदी पर बैरिकेडिंग, अतिरिक्त पुलिस बल,पार्किंग और साफ-सफाई के व्यापक इंतजाम।
।। डी एस शास्त्री/ अमित कुमार।।
दो टूक: सावन मास में कांवड़ यात्रा और जलाभिषेक के लिए उमड़ने वाली भारी श्रद्धालु भीड़ को देखते हुए रायबरेली बछरावां क्षेत्र स्थित प्राचीन भंवरेश्वर महादेव मंदिर में प्रशासन और मेला कमेटी ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सई नदी के तट पर बसे इस प्रसिद्ध शिवधाम में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और पार्किंग की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने मंदिर परिसर, मेला क्षेत्र और सई नदी के घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। अधिकारियों ने नदी के गहरे हिस्सों में श्रद्धालुओं के जाने पर रोक लगाने के लिए मजबूत बैरिकेडिंग कराने, अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने, कांवड़ मार्गों पर सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पूरे मेला परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने के जिला प्रशासन ने निर्देश दिए है।
सावन के प्रत्येक सोमवार और विशेष पर्वों पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए पार्किंग प्रशासन के लिए चुनौती रहेगी।
◆आस्था का केंद्र, पौराणिक महत्व भी विशेष।
लखनऊ, उन्नाव और रायबरेली की सीमा पर सई नदी के किनारे स्थित भंवरेश्वर महादेव मंदिर प्राचीन धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि द्वापर युग में अज्ञातवास के दौरान पांडव अपनी माता कुंती के साथ यहां आए थे और भीम ने माता की शिव आराधना के लिए यहां शिवलिंग की स्थापना की थी। लोकमान्यताओं के अनुसार, बाद में यह शिवलिंग मिट्टी में दब गया, जिसे वर्षों बाद स्थानीय राजा को स्वप्न दृश्य के आधार पर पुनः स्थापित कराया गया। वहीं दूसरी प्रचलित कथा के अनुसार, मंदिर को ध्वस्त करने के प्रयास के दौरान असंख्य भंवरों (भौरों) के निकलने से आक्रमणकारियों को पीछे हटना पड़ा, जिसके बाद यह स्थान भंवरेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ।
सावन मास, महाशिवरात्रि और प्रत्येक सोमवार को यहां दूर-दराज़ से बड़ी संख्या में कांवड़िए और शिवभक्त जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी प्रशासन श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सतर्क है, ताकि आस्था के इस महापर्व का आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
◆भंवरेश्वर महादेव में उमड़ेगी आस्था की बयार।
◆सावन मेले को लेकर पूरी तरह बैरिकेडिंग।
●भंवरेश्वर धाम मे श्रद्धालुओं के लिए साफ सफाई चौकबंद इंतजाम।
