गौतमबुद्धनगर: ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो को मिली बड़ी राहत! PIB ने जताई सहमति, अब केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी का इंतजार!!
दो टूक//नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में लंबे समय से मेट्रो विस्तार का इंतजार कर रहे लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (किसान चौक) तक प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर को लेकर बुधवार को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) के समक्ष विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। प्रस्तुतीकरण के बाद परियोजना को सकारात्मक संकेत मिले हैं और अब इस महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार है।
नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (NMRC) के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश ने करीब डेढ़ घंटे तक PIB अधिकारियों के समक्ष परियोजना की आवश्यकता, अनुमानित लागत, यात्री संख्या, भविष्य की उपयोगिता और वित्तीय पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान मेट्रो विस्तार के विभिन्न तकनीकी और आर्थिक बिंदुओं पर भी चर्चा हुई।
एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक क्रांति शेखर ने बताया कि प्रस्तुतीकरण के बाद PIB ने परियोजना पर सहमति जता दी है। हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक स्वीकृति का पत्र जारी होना बाकी है। इसके बाद प्रस्ताव संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों से होते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और फिर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट के समक्ष अंतिम मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
एनएमआरसी को उम्मीद है कि अगले करीब डेढ़ महीने में केंद्रीय कैबिनेट से परियोजना को हरी झंडी मिल सकती है। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। लक्ष्य है कि अगले वर्ष जनवरी-फरवरी तक मेट्रो निर्माण कार्य का शुभारंभ कर दिया जाए।
प्रस्तावित मेट्रो लाइन सेक्टर-51 से शुरू होकर सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122 और सेक्टर-123 होते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4 (किसान चौक) तक पहुंचेगी। यह कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ लाखों दैनिक यात्रियों को जाम से राहत देगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मेट्रो लाइन भविष्य में गाजियाबाद–ग्रेटर नोएडा वेस्ट–जेवर एयरपोर्ट तक प्रस्तावित आरआरटीएस नेटवर्क से भी जुड़ सकती है। ऐसे में सेक्टर-4 एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट हब के रूप में विकसित होगा, जिससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और जेवर एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
यदि केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिल जाती है तो यह परियोजना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। इससे क्षेत्र में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ लाखों लोगों के लिए सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध हो सकेगा।
