लखनऊ :
ड्यूटी पर तैनात युवा दरोगा अजय कुमार की बंद कार मे मिली लाश ,पुलिस महकमे में शोक की लहर।।
चौकी इंचार्ज का फोन नहीं उठा तो बढ़ी चिंता, कार में अचेत मिले उपनिरीक्षक अजय कुमार, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित।
।।संवाददाता : डी. एस. शास्त्री ।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को पुलिस महकमे को झकझोर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई। थाना गाजीपुर की सर्वोदय नगर चौकी पर तैनात उपनिरीक्षक अजय कुमार (बैच-2020) संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। युवा पुलिस अधिकारी की असमय मौत की खबर से पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।
विस्तार :
पुलिस के अनुसार गुरुवार दोपहर के बाद से उपनिरीक्षक अजय कुमार का चौकी से संपर्क टूट गया था। साथी पुलिसकर्मियों ने कई बार फोन मिलाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। चिंता बढ़ने पर मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई, जो थाना पारा क्षेत्र के बुद्धेश्वर-मोहन रोड के पास मिली।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वहां सड़क किनारे खड़ी एक सेंट्रो कार के अंदर उपनिरीक्षक अजय कुमार अचेत अवस्था में मिले। कार अंदर से लॉक थी। पुलिस ने पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी कराते हुए कार का शीशा तोड़कर दरवाजा खोला और उन्हें बाहर निकालकर तत्काल एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रथम दृष्टया उनके शरीर पर किसी बाहरी चोट के निशान नहीं मिले, हालांकि नाक से रक्तस्राव पाया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
मूल रूप से जनपद हापुड़ निवासी उपनिरीक्षक अजय कुमार के निधन की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। उनकी मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगा।
युवा पुलिस अधिकारी की इस रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साथी पुलिसकर्मियों के लिए यह केवल एक सहकर्मी का निधन नहीं, बल्कि एक ऐसे युवा अधिकारी की विदाई है, जिसने कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हुए अपने जीवन का सफर अधूरा छोड़ दिया। अपने पिछे एक मासूम बच्चा और पत्नी समेत भरा पूरा परिवार छोड़ गए है।परिवार समेत पूरे पुलिस महकमे और परिचितों में गहरा शोक व्याप्त है।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम व फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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