मऊ :
बलिया–रेवरीडीह फोरलेन के लिए सर्वे शुरू, कई गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित।
मऊ शहर को जाम से मिलेगी राहत, भारी वाहन अब बाईपास से गुजरेंगे।
।।देवेन्द्र कुमार।।
दो टूक : बलिया को सीधे मऊ के रेवरीडीह फोरलेन से जोड़ने के लिए प्रस्तावित नए फोरलेन बाईपास का सर्वे कार्य शुरू हो गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद बलिया की ओर से आने वाले ट्रक, ट्रेलर और अन्य भारी वाहन मऊ शहर में प्रवेश किए बिना सीधे रेवरीडीह फोरलेन से जुड़ सकेंगे। इससे शहर में लंबे समय से बनी जाम की समस्या से राहत मिलने के साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।
रविवार को गोरखपुर हाईवे के समीप सर्वे कार्य के दौरान सर्वेयर अमरजीत ने बताया कि यह परियोजना बलिया और मऊ के बीच बेहतर एवं तेज यातायात व्यवस्था स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। वर्तमान में भारी वाहनों के शहर के बीच से गुजरने के कारण ट्रैफिक का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। नया बाईपास बनने के बाद ऐसे सभी वाहन शहर के बाहर से ही अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।
परियोजना के तहत रेवरीडीह, डाड़ी खास, कटवास, ढोणापुर और सिकटिया सहित कई गांवों की भूमि प्रभावित होगी। इन क्षेत्रों में सर्वे का कार्य तेजी से चल रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद भूमि अधिग्रहण की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सर्वेयर अमरजीत के अनुसार प्रारंभिक चरण में अधिकांश किसान परियोजना को लेकर सकारात्मक रुख अपना रहे हैं और क्षेत्र के विकास के लिए सहयोग करने की बात कह रहे हैं। हालांकि भूमि अधिग्रहण से कुछ किसान प्रभावित होंगे, लेकिन सड़क निर्माण से पूरे क्षेत्र को बेहतर यातायात सुविधा, सुरक्षा और विकास का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मौजूदा मार्ग संकरा होने और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। प्रस्तावित फोरलेन बनने के बाद इस समस्या पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकेगा।
फोरलेन परियोजना के साकार होने से बलिया और मऊ के बीच सीधी एवं तेज कनेक्टिविटी स्थापित होगी। साथ ही मऊ शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होगा, जाम की समस्या में राहत मिलेगी और आम लोगों को सुरक्षित एवं सुगम यात्रा का लाभ प्राप्त होगा।
फिलहाल सर्वे का कार्य जारी है। सर्वे पूर्ण होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके पश्चात परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।
