गुरुवार, 30 जुलाई 2026

मऊ : लोन रिकवरी एजेंट पर जानलेवा चाकू हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, वारदात में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े बरामद।।||Mau: The accused of fatally stabbing a loan recovery agent has been arrested. The knife used in the crime and blood-stained clothing have been recovered.||

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मऊ : 
लोन रिकवरी एजेंट पर जानलेवा चाकू हमला करने वाला आरोपी गिरफ्तार, वारदात में प्रयुक्त चाकू और खून से सने कपड़े बरामद।।
दो टूक : मऊ जनपद के कोतवाली नगर पुलिस टीम ने लोन रिकवरी एजेंट पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार  चल रहे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू और वारदात के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े भी पुलिस ने बरामद किया हैं। गिरफ्तार आरोपी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेज दिया गया।
विस्तार :
पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में गुरुवार सुबह कोतवाली नगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भीटी चौराहे से पहले स्थित एक गुमटी के पास से आरोपी आशीष यादव (29 वर्ष) निवासी नसोपुर, थाना सरायलखंसी को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में आरोपी ने घटना स्वीकार करते हुए बताया कि वारदात के दौरान चाकू चलाने के दौरान उसके हाथ में भी चोट लग गई थी। गिरफ्तारी के समय उसके कपड़ों पर खून के धब्बे मिले, जिन्हें पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत सील कर कब्जे में लिया। साथ ही घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 को महिंद्रा फाइनेंस कंपनी में लोन रिकवरी का कार्य करने वाले विनोद तिवारी ट्रैक्टर की बकाया किस्त की वसूली के लिए आरोपी से मिलने मुसरदह मोड़, भीटी स्थित सरकारी ट्यूबवेल पहुंचे थे। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें ट्यूबवेल के अंदर बुलाकर गाली-गलौज की और जान से मारने की नीयत से चाकू से हमला कर दिया। हमले में विनोद तिवारी के हाथ, चेहरे और गर्दन पर गंभीर चोटें आईं। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया।
इस संबंध में कोतवाली नगर थाने में मुकदमा संख्या 226/2026 के तहत धारा 109(1), 352 एवं 351(2) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।