लखनऊ :
पुलिस ने फर्जीकाल सेण्टर का किया भण्डाफोड़,रिफंड दिलाने के नाम पर ठगी का कारोबार।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना विभूति खंड क्षेत्र समिट बिल्डिंग के 11वीं मंजिल पर चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का भण्डाफोड़ करते हुए पुलिस ने सौ लोगों को हिरासत मे लेकर पूछताछ कर रही है।पुलिस ने करीब 12 घंटे तक कॉल सेंटर में सर्च अभियान चलाया। बाहर निकलते समय युवतियां अपने बाल-दुप्पटे और हाथ से चेहरा छिपाती दिखीं। बताया जा रहा है कि ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से रिफंड दिलाने के नाम पर देश विदेश से साइबर ठगी करते थे।
●समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर संचालित फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पुलिस ने किया खुलासा।
●कार्रवाई के दौरान कुल 119 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।
● 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद।
●अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर ऐप के माध्यम से लोगों को साइबर ठगी का बनाया जाता था शिकार।
●ऑपरेशन मैनेजर ललित खैराजानी एवं विक्रम सिंह परमार हिरासत में लिया गया।
●कमिश्नरेट लखनऊ की साइबर सेल एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम की सुनियोजित कार्यवाही, नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
विस्तार :
एडीसीपी क्राइम किरण यादव ने जानकारी देते हुए बताया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के क्रम में क्राइम ब्रांच टीम व साइबर सेल ने सूचना के आधार पर बीते मंगलवार देर रात थाना विभूति खण्ड क्षेत्र समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर संचालित फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया। बुधवार दोपहर तक कार्रवाई जारी रही। कार्यवाही में कुल 119 व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि कॉल सेंटर के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर ऐप के माध्यम, तकनीकी धोखाधड़ी एवं विभिन्न प्रलोभनों के जरिए साइबर ठगी का शिकार बनाया जा रहा था। यह कॉल सेंटर मुख्य रूप से रात्रि में संचालित होता था तथा समिट बिल्डिंग के 11वें तल पर दो कार्यालयों से इसका संचालन किया जा रहा था।
बरामद समस्त डिजिटल उपकरणों एवं दस्तावेजों को कब्जे में लेकर उनकी तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे साइबर अपराध के नेटवर्क, पीड़ितों, कॉलिंग मॉड्यूल एवं वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए जा सकें।
प्रारंभिक जांच में कॉल सेंटर का संचालन "Solaris Solution" के नाम से किया जाना प्रकाश में आया है।
हिरासत में लिए गए प्रमुख व्यक्ति :
◆ललित खैराजानी पुत्र अशोक कुमार नारायणदास खैराजानी, निवासी अहमदाबाद (गुजरात), हाल पता- गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ (ऑपरेशन मैनेजर)
◆विक्रम सिंह परमार पुत्र मानसिंह जी परमार, निवासी अहमदाबाद (गुजरात), हाल पता- गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ (ऑपरेशन मैनेजर)
दोनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा बरामद कॉलिंग डेटा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों एवं अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विस्तृत विश्लेषण कराया जा रहा है। साइबर अपराध से जुड़े अन्य सहयोगियों, वित्तीय लाभार्थियों एवं नेटवर्क के सदस्यों की पहचान कर उनके विरुद्ध भी प्रभावी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मौके पर ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार, डीसीपी पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा, एसीपी विभूति खंड सौम्या पांडे सहित कई उच्च अधिकारी भी पहुंचे हैं। बताया जा रहा है लिखा पढ़ी करने के बाद सभी आरोपियों को मेडिकल के लिए ले जाया जाएगा। उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
