गौतमबुद्धनगर: भीषण गर्मी में खाटू श्याम सेवा समिति बनी राहत का सहारा, चौधरी बीसी प्रधान बोले— सेवा से बढ़कर कोई धर्म नहीं!!
दो टूक//नोएडा। भीषण गर्मी के बीच समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए ग्राम बरौला में खाटू श्याम सेवा समिति के मुख्य सदस्य राजकुमार मोनू के नेतृत्व में राहगीरों एवं ग्रामीणों के लिए मीठे शरबत वितरण का आयोजन किया गया। सेवा और मानवता को समर्पित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शरबत ग्रहण कर समिति के इस जनहितकारी प्रयास की सराहना की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी चौधरी बीसी प्रधान रहे, जिन्होंने समिति के इस सेवा कार्य की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को शरबत पिलाना अत्यंत पुण्य का कार्य है और ऐसे प्रयास समाज में प्रेम, सद्भाव एवं आपसी भाईचारे को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से भी समाजहित के कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
चौधरी बीसी प्रधान ने कहा कि समाज तभी सशक्त बनता है जब लोग बिना किसी स्वार्थ के जरूरतमंदों की सेवा के लिए आगे आते हैं। खाटू श्याम सेवा समिति द्वारा किया जा रहा यह सेवा अभियान अन्य सामाजिक संगठनों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने समिति के सभी सदस्यों को इस सराहनीय पहल के लिए शुभकामनाएं देते हुए भविष्य में भी इसी तरह जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रखने की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर डॉ. रोहतास एवं हरेन्द्र बैसोया भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने भी समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सेवा के ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में समिति के सदस्य धीर सिंह शाक्य, अंकुर कश्यप, अंकित कश्यप, सचिन कश्यप, दीपांशु खत्री, मनोज प्रजापति, चंद्रकेश यादव, राहुल चौहान, ललित शर्मा, महेश कश्यप, अमरपाल कश्यप और अरविंद कश्यप सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने सेवा कार्य में सक्रिय भूमिका निभाई।
शरबत वितरण कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों, राहगीरों एवं स्थानीय लोगों ने मीठा शरबत ग्रहण कर भीषण गर्मी से राहत महसूस की तथा खाटू श्याम सेवा समिति के इस जनकल्याणकारी अभियान की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए समिति एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। पूरे कार्यक्रम का वातावरण सेवा, सहयोग और सामाजिक समरसता की भावना से ओत-प्रोत रहा।।
