सोमवार, 29 जून 2026

आजमगढ़ । जिले को नम्बर एक दिखाने के लिए IGRS पर लगायी जा रही फर्जी निस्तारण की रिपोर्ट ! सुभासपा नेता ने दी आमरण अनशन और आत्मदाह की चेतावनी

शेयर करें:

  ।। सिद्धेश्वर पाण्डेय।।
 दो टूक ,आजमगढ़ । अहरौला थाना क्षेत्र के कंदरा गांव निवासी फूलपुर तहसील अंतर्गत अभिषेक उपाध्याय पुत्र अशोक उपाध्याय ने कमिश्नर व राजस्व परिषद, जिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र में फूलपुर के राजस्व टीम के लेखपाल पर बडा आरोप लगाया है बताया कि आइजीआरएस के माध्यम से जमीन कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई गई है लेकिन क्षेत्रीय लेखपाल  द्वारा आईजीआरएस पर फर्जी तरीके से विपक्षियों के पक्ष में रिपोर्ट लगा दी गई और दबाव बनाकर आश्वासन देकर हस्ताक्षर कर लिया गया और कहा गया कि आजमगढ़ को आईजीआरएस में नंबर वन करना है इसलिए आप पहले आईजीआरएस को डिफाल्टर होने से बचाइए फिर  पैमाइश कर मामले को संभाल लेंगे अभिषेक उपाध्याय का आरोप है कि कंदरा गांव में मेरी माता किरन  और पिता अशोक कुमार के नाम से दो चक है जिसमें कुछ लोग बैनामा भी लिए हुए हैं और सभी लोग अपने बैनामे  पर काबिज हैं मौके पर दोनों चको में लगभग तीन से चार बीघा जमीन अवशेष बची हुई है लेकिन विपक्षी इतने दबंग है कि वह जमीन पर कब्जा किए है  राजस्व टीम से भी उनके पक्ष मे काम करती है  विगत दिनों जिला अधिकारी कमिश्नर व राजस्व परिषद सहित मुख्यमंत्री को दिए गए शिकायती पत्र के बाद उप जिलाधिकारी फूलपुर ने राजस्व टीम का गठन किया 24 जून को टीम ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की लेकिन पूरी पैमाइश को 1 सप्ताह बाद भी रकबा तक नहीं बताया लेखपाल के द्वारा भी फर्जी ढंग से आईजीआरएस पर फर्जी रिपोर्ट लगाई गई अभिषेक उपाध्याय ने कहा कि मामले की उच्च स्तरीय जांच कर संबंधित राजस्व टीम और लेखपाल पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और हमारी अवशेष बची हुई जमीन को सक्षम अधिकारी और की मौजूदगी में नापी कराकर हमें दिलवाया जाए नहीं तो मैं आमरण अनशन और आत्मदाह करने के लिए मजबूर हूं अभिषेक उपाध्याय ने बताया कि हमने पत्र लिख कर मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत की है और मुझे जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है अभी भी कई जमीनों पर लोगों ने कब्जा कर रहा कर रखा है जिसे खाली करने के लिए मैं लगातार इसकी लड़ाई लड़ रहा हूं।
@-इस संबंध में उप जिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार का कहना है कि मामला पेचीदा है आइजीआरएस पर शिकायत  के क्रम मे नापी कराई गई है लेकिन इसमें कई सह खातेदार हैं इसलिए इसमें बटवारा या बेदखली करने के लिए कोर्ट जाना पड़ेगा कोर्ट के आदेश के बाद ही  कार्रवाई सुनिश्चित हो पाएगी।