बुधवार, 1 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खाते से उड़ाते थे रकम, चार सदस्यीय शातिर गिरोह गिरफ्तार!!

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गौतमबुद्धनगर: मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खाते से उड़ाते थे रकम, चार सदस्यीय शातिर गिरोह गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना सेक्टर-49 पुलिस ने राह चलते लोगों को कार में बैठाकर उनका मोबाइल फोन और अन्य सामान लूटने के बाद मोबाइल का लॉक खुलवाकर बैंक खातों से रकम उड़ाने वाले चार सदस्यीय शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से पीड़ित का लूटा गया iPhone-16, स्मार्ट वॉच, चार्जर, आधार कार्ड, 2300 रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त ऑरा कार बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 29 जून 2026 को एक युवक ने थाना सेक्टर-49 में शिकायत दर्ज कराई थी कि सेक्टर-50 क्षेत्र में कुछ युवकों ने उसे कार में बैठा लिया। इसके बाद आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन, चार्जर, पावर बैंक और नकदी छीन ली। इतना ही नहीं, बदमाशों ने पीड़ित को धमकाकर उसके मोबाइल का लॉक खुलवाया और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते हुए उसके बैंक खाते से अपने खातों में धनराशि स्थानांतरित कर ली। पीड़ित की शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर-49 में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई।

घटना के शीघ्र खुलासे के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया। मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से जांच करते हुए थाना सेक्टर-49 पुलिस ने 30 जून 2026 को सेक्टर-50 के सामने से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान अमित, नितिन, विवेक और ऋषि के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से जनपद फिरोजाबाद के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पीड़ित का iPhone-16, चार्जर, स्मार्ट वॉच, आधार कार्ड, 2300 रुपये नकद तथा वारदात में प्रयुक्त ऑरा कार (UP84BT1585) बरामद की है। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने साक्ष्य संकलित करते हुए आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे आपस में मित्र हैं और पहले दिल्ली-एनसीआर में कार चलाने तथा मजदूरी का काम करते थे। अधिक पैसा कमाने की लालच में उन्होंने राह चलते लोगों को अपनी कार में बैठाकर उनका मोबाइल, नकदी और अन्य सामान लूटना शुरू कर दिया। इसके बाद पीड़ितों को डराकर उनके मोबाइल का लॉक खुलवाते और बैंक खातों से अपने खातों में रकम ट्रांसफर कर लेते थे।

पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने नोएडा, दिल्ली और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य तथ्यों की भी गहन जांच की जा रही है। इस कार्रवाई को साइबर और संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।।