लखनऊ :
यूरिया-डीएपी संकट पर किसानों का फूटा गुस्सा,आंदोलन का किया ऐलान।
दो टूक : किसान नेताओं ने गांव-गांव चलाया जनसंपर्क अभियान, 27 जुलाई को एसडीएम को ज्ञापन; मांगें पूरी न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी।।
विस्तार :
राजधानी लखनऊ क्षेत्र में यूरिया और डीएपी खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानियों के बीच राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने सरकार की नीतियों के विरोध में जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने गांव-गांव पहुंचकर किसानों से संवाद किया और खाद संकट के खिलाफ एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।
रविवार, 26 जुलाई 2026 को संगठन के जिला उपाध्यक्ष राकेश कुमार यादव, जिला महामंत्री राम सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष राकेश कुमार तथा बाबा रामकिशोर ने क्षेत्र के विभिन्न गांवों का भ्रमण कर किसानों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान किसानों ने समय पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध न होने से धान की फसल प्रभावित होने की चिंता जताई।
जिला महामंत्री राम सिंह ने कहा कि किसान खाद के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं, जबकि धान की फसल को इस समय यूरिया की सबसे अधिक आवश्यकता है। समय पर खाद नहीं मिलने से फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि किसानों का शोषण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
संगठन ने घोषणा की है कि 27 जुलाई 2026 को किसानों की समस्याओं को लेकर संबंधित उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा जाएगा। यदि इसके बाद भी खाद की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की गई तो संगठन व्यापक आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इसी क्रम में बाजगहिया गांव में किसान संगठन की बैठक महेंद्र सिंह यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में मौजूद किसानों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में आगामी आंदोलन में शामिल होने का भरोसा दिलाया। संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का कहना है कि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
