लखनऊ :
जमीन के विवाद में खूनी झड़प,कृष्णानगर व बंथरा में पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट।
दो टूक : राजधानी लखनऊ में जमीन और खेत के विवाद को लेकर दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मारपीट की घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में पीड़ितों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना कृष्णा नगर में पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। वही बन्थरा थाना क्षेत्र मे जानवर बांधने को लेकर दो पक्षों मे विवाद।
विस्तार :
कृष्णानगर कोतवाली क्षेत्र में अवध विहार कॉलोनी निवासी अनवर हुसैन ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 27 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 2:30 बजे अलीनगर सुनहरा स्थित राम सागर हॉस्टल के पास जमीन के विवाद को लेकर जुबैर हुसैन से जुड़े करीब पांच अज्ञात लोगों ने उन्हें घेर लिया। आरोप है कि आरोपियों ने लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की और धारदार हथियार से सिर पर वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पीड़ित का कहना है कि आरोपियों से पुरानी रंजिश चली आ रही है और इससे पहले भी करीब 12 लोगों को बुलाकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के हैं और कई बार उन पर हमला करने की कोशिश कर चुके हैं। तहरीर में भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की जिम्मेदारी आरोपियों पर तय करते हुए मेडिकल परीक्षण कराने और एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बंथरा में खेत में जानवर बांधने के विवाद पर पिता-पुत्र की पिटाई।
वहीं बंथरा थाना क्षेत्र के भटगांव निवासी मनोज यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गांव के ही अखिलेश और विशाल यादव उनके खेत में जानवर बांधते थे। 27 जुलाई की सुबह करीब 9 बजे जब वह खेत जुतवाने पहुंचे और दोनों से दोबारा खेत में जानवर न बांधने के लिए कहा तो दोनों आरोपी नाराज हो गए।
आरोप है कि पहले दोनों ने गाली-गलौज की और विरोध करने पर लात-घूंसों व डंडों से उनकी पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके पुत्र हिमांशु यादव को भी आरोपियों ने मारपीट कर घायल कर दिया। पीड़ित के अनुसार मारपीट के बाद आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। घटना में दोनों को चोटें आई हैं। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
