गोण्डा- परेशान अधेड़ ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी है। अपने मौत से पहले उन्होंने एक कागज पर मौत को गले लगाने की वजह भी लिखा है। वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे अनिल मिश्रा ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट सीएम योगी और एसपी गोण्डा को टैग करते हुए साझा किया है जिसमे उन्होंने लिखा है कि-- "आज हमारे पिताजी ने कुछ लोगों की वजह से आत्महत्या कर लिया, मेरी प्रशासन से यही गुज़ारिश है कि जल्द से जल्द कार्रवाई हो और मेरे पिताजी को न्याय मिले"।
दरअसल, यह मामला खरगूपुर थाना क्षेत्र के देवरिया कला गांव से जुड़ा है। यहां मुकदमों और पुलिस कार्रवाई से परेशान एक व्यक्ति ने मौत को गले लगा लिया। मरने से पहले लिखी डायरी में उसने लिखा कि फर्जी मुकदमों से तंग आ गया हूं, जनवरी से अबतक दो बार जमानत करा चुका हूं। उन्होंने कुछ नाम का भी जिक्र किया। मृतक ने अपने भाई, उसकी पत्नी व एक अन्य महिला को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीन आरोपितों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
जानकारी के मुताबिक देवरिया कला निवासी विनोद कुमार मिश्र (50) पुत्र शांति प्रसाद ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने से पहले रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। बताया जाता है कि गांव की एक महिला ने पूर्व में विनोद कुमार मिश्र व उनके पिता के खिलाफ मारपीट तथा उनके दो बेटों के विरुद्ध छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके अलावा अनुसूचित जाति की एक महिला ने भी उनके विरुद्ध तहरीर दी थी। पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दो बार शांतिभंग की कार्रवाई भी की जा चुकी थी। परिजनों का कहना है कि लगातार मुकदमों और पुलिस कार्रवाई से वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। मृतक द्वारा लिखी गई डायरी में उसने भाई अवधेश मिश्र, उनकी पत्नी निर्मला देवी तथा गीता सोनकर पत्नी लक्ष्मण को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। डायरी में लिखा गया है कि जनवरी से अबतक इन लोगों के कारण उन्हें फर्जी मामलों में दो बार जमानत करानी पड़ी, जिससे वह बेहद परेशान हो गए थे। मृतक अपने पीछे पत्नी मालती देवी, चार बेटे अनिल, सुखदेव, शुभम और सुनील तथा दो बेटियों कुसुम और सुसुम को छोड़ गए हैं।
