लखनऊ :
लाखों रुपए देने के बाद वर्षों तक रजिस्ट्री का इन्तजार,न मिला प्लाट,न वापस मिला पैसा,DCPके आदेश पर FIR हुई दर्ज।
वरिष्ठ नागरिक ने बिल्डर व सहयोगियों ने प्लाट के नाम पर 4.54 लाख ठगी।।
दो टूक : राजधानी लखनऊ के थाना सरोजनीनगर पुलिस ने DCPसाउथ के आदेश पर बिल्डर के द्वारा वरिष्ठ नागरिक से प्लाट के नाम पर लाखों रुपए के धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु कर दी है।
विस्तार:
जनपद उन्नाव निवासी एक वरिष्ठ नागरिक ने लखनऊ के एक बिल्डर और उससे जुड़े लोगों पर प्लॉट दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेकर कथित रूप से धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने तथा प्लॉट की रजिस्ट्री कराने अथवा जमा की गई पूरी धनराशि ब्याज सहित वापस दिलाने की मांग की है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, उन्नाव के पीताम्बर नगर निवासी मेवालाल का कहना है कि वर्ष 2016 में एम.जी. बिल्डर्स एंड डेवलपर्स से जुड़े एक कर्मचारी के माध्यम से उन्होंने सरोजनीनगर क्षेत्र के रानीपुर मजरा पिपरसंड में एक हजार वर्गफुट का प्लॉट बुक कराया था। आरोप है कि बुकिंग के समय एडवांस राशि चेक के माध्यम से जमा की गई और इसके बाद निर्धारित भुगतान तथा मासिक किस्तों के जरिए कुल ₹4,54,198 कंपनी को अदा किए गए।
पीड़ित का आरोप है कि भुगतान पूरा होने के बाद भी लगातार रजिस्ट्री नहीं कराई गई। जब भी उन्होंने संपर्क किया तो कभी कंपनी के मालिक की बीमारी तो कभी अन्य कारण बताते हुए मामला टाल दिया गया। बाद में जानकारी दी गई कि कंपनी के मालिक का निधन हो गया है और उत्तराधिकार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रजिस्ट्री करा दी जाएगी।
शिकायत के अनुसार, दिसंबर 2024 में कंपनी कार्यालय पर मुलाकात के दौरान मालिक की पत्नी ने कथित रूप से लिखित आश्वासन देते हुए सात से आठ माह का अतिरिक्त समय मांगा और कहा कि या तो प्लॉट की रजिस्ट्री करा दी जाएगी अथवा पूरी धनराशि ब्याज सहित लौटा दी जाएगी।
पीड़ित का कहना है कि निर्धारित अवधि बीतने के बाद अगस्त 2025 में जब वह कंपनी के कार्यालय पहुंचे तो कार्यालय बंद मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ करने पर कथित रूप से पता चला कि कार्यालय कई माह पहले ही बंद हो चुका है तथा अन्य लोग भी इसी प्रकार की शिकायत लेकर वहां आते रहे हैं।
प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि कंपनी से जुड़े कुछ अन्य लोगों की भी इस पूरे प्रकरण में भूमिका रही है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि सभी ने मिलकर उनके साथ धोखाधड़ी की और अब न तो प्लॉट की रजिस्ट्री कराई जा रही है और न ही जमा धनराशि लौटाई जा रही है।
फिलहाल सरोजनीनगर पुलिस ने प्रार्थना पत्र के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल मे जुटी हुई है।।
