गौतमबुद्धनगर:'ऑपरेशन Cy-Vajra' की बड़ी कामयाबी: 8 अवैध कॉल सेंटर सील, करोड़ों की साइबर ठगी का नेटवर्क बेनकाब!!
दो टूक//नोएडा। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराध के खिलाफ चलाए गए प्रदेशव्यापी विशेष अभियान "ऑपरेशन Cy-Vajra" के तहत गौतमबुद्धनगर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए साइबर ठगों के संगठित नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में 8 अवैध कॉल सेंटरों का भंडाफोड़, 49 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तथा प्रारंभिक जांच में ₹60 करोड़ से अधिक की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एक सप्ताह तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान गौतमबुद्धनगर पुलिस ने डिजिटल और मैनुअल इंटेलिजेंस की मदद से व्यापक सत्यापन और सघन छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में साइबर अपराध से जुड़े कई बड़े नेटवर्क पुलिस के रडार पर आए और महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य हाथ लगे।
अभियान के दौरान 700 से अधिक लोगों का सत्यापन और पूछताछ की गई। जांच में यह भी सामने आया कि कई गिरोह साइबर ठगों को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने, बैंक खातों की खरीद-फरोख्त करने और ठगी की रकम को विभिन्न खातों के जरिए इधर-उधर करने का काम कर रहे थे। पुलिस ने ऐसे नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है।
67 मोबाइल, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड और लाखों की नकदी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 67 मोबाइल फोन, 19 लैपटॉप, 76 सिम कार्ड, 81 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और ₹5 लाख से अधिक की नकद धनराशि बरामद की। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच से साइबर अपराध के कई नए सुराग मिले हैं, जिन पर पुलिस की जांच जारी है।
विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी से सामने आया अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन
जांच के दौरान विकसित बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर पुलिस ने एक नाइजीरियाई नागरिक को भी गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में उसका संबंध बड़े पैमाने पर साइबर वित्तीय धोखाधड़ी से पाया गया है। उसके कब्जे से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और डिजिटल साक्ष्यों का संबंध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज कई शिकायतों से मिला है। पुलिस अब इन डिजिटल साक्ष्यों का फॉरेंसिक परीक्षण कराकर पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
साइबर अपराध पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन "Cy-Vajra" का उद्देश्य अवैध कॉल सेंटरों, म्यूल बैंक खातों और संदिग्ध बैंकिंग गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है, ताकि भविष्य में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी जैसी घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस साइबर अपराध के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत लगातार डिजिटल और मानव स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
आमजन से पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का सामना हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस इकाई को दें।
गौतमबुद्धनगर पुलिस का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और ऐसे संगठित गिरोहों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।।
