गौतमबुद्धनगर: CCTV में कैद हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, फिर भी आरोपी खुलेआम घूम रहे! पीड़ित ने लगाया पुलिस पर कार्रवाई में ढिलाई और समझौते का दबाव बनाने का आरोप!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र के अंतर्गत जहांगीरपुर कस्बे में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां एक घर के बाहर पहुंचे दो युवकों ने दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में कार्रवाई करने के बजाय उस पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, जहांगीरपुर निवासी पीड़ित के घर के बाहर दो युवक पहुंचे और अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। राहत की बात यह रही कि इस गोलीबारी में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया।
पीड़ित का कहना है कि फायरिंग की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड हुई है। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाय कुछ लोगों द्वारा समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उसे और उसके परिवार को अपनी सुरक्षा की चिंता सताने लगी है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि खुलेआम फायरिंग जैसी घटनाओं में भी त्वरित कार्रवाई नहीं होगी तो अपराधियों के हौसले और बुलंद होंगे। क्षेत्र के लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल यह मामला जेवर थाना क्षेत्र का है। पुलिस का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि पीड़ित और स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब पूरी वारदात कैमरे में कैद है तो आखिर आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी क्यों हो रही है।
अब सभी की निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि आरोप सही हैं, तो यह मामला केवल फायरिंग का ही नहीं बल्कि कानून के खौफ और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़ा करता है।।
