मंगलवार, 14 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: फर्जी CBI, नकली कोर्ट और 24 घंटे का 'डिजिटल अरेस्ट'; रिटायर्ड कर्नल से 8.20 लाख की ठगी!!

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गौतमबुद्धनगर: फर्जी CBI, नकली कोर्ट और 24 घंटे का 'डिजिटल अरेस्ट'; रिटायर्ड कर्नल से 8.20 लाख की ठगी!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। साइबर अपराधियों ने नोएडा में रहने वाले भारतीय सेना के 70 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल को अपना निशाना बनाते हुए बेहद शातिर तरीके से 8.20 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर पहले उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी, फिर करीब 24 घंटे तक "डिजिटल अरेस्ट" के नाम पर मानसिक दबाव में रखा। इतना ही नहीं, आरोपियों ने ऑनलाइन फर्जी कोर्ट की कार्यवाही दिखाकर खुद को जज और जांच अधिकारी बताया, जिससे बुजुर्ग पूरी तरह भयभीत हो गए और उनके झांसे में आकर लाखों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

जानकारी के अनुसार, सेक्टर-37 स्थित अरुण विहार निवासी 70 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल के पास साइबर ठगों का फोन आया। कॉल करने वालों ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताते हुए दावा किया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा गंभीर मामला दर्ज है। गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर ठगों ने उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर बनाए रखा और किसी से भी संपर्क न करने की हिदायत दी।

इसके बाद साइबर ठगों ने ऑनलाइन फर्जी कोर्ट की कार्यवाही का नाटक रचा। वीडियो कॉल पर खुद को जज, जांच अधिकारी और अन्य सरकारी अधिकारी बताकर रिटायर्ड कर्नल को विश्वास में लिया गया। उन्हें बताया गया कि यदि वे जांच में सहयोग नहीं करेंगे तो उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान पीड़ित पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया।

डर और भ्रम की स्थिति में आए रिटायर्ड कर्नल ने ठगों के बताए बैंक खातों में कुल 8.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद मामला साइबर क्राइम थाने पहुंचा, जहां पीड़ित की तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर ठगों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस की अपील: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोई भी सरकारी एजेंसी, सीबीआई, पुलिस, ईडी या कोर्ट किसी व्यक्ति को वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" नहीं करती और न ही जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहती है। ऐसे किसी भी कॉल, वीडियो कॉल या संदेश पर भरोसा न करें। यदि इस तरह की धमकी मिले तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें या नजदीकी साइबर क्राइम थाने से संपर्क करें।।