गौतमबुद्धनगर: नोएडा में सीवर बना काल: सफाई के दौरान कर्मचारी शिवा की दर्दनाक मौत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल!!
दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के गेझा गांव में मंगलवार शाम सीवर सफाई के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में सफाईकर्मी शिवा की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर सीवर सफाई के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जबकि मृतक के परिजनों और साथी कर्मचारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
जानकारी के अनुसार, शिवा को सीवर के मेनहोल में सफाई कार्य के लिए उतारा गया था। काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला तो साथियों को अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद तत्काल पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शिवा को बाहर निकाला। उसकी हालत बेहद गंभीर थी और उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही थाना फेज-2 पुलिस मौके पर पहुंची। एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी।
घटना को लेकर नोएडा प्राधिकरण के महाप्रबंधक (जल एवं सीवर) आरपी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सफाई कार्य शाम करीब 6:30 बजे कराया जा रहा था, जबकि प्राधिकरण के निर्देशों के मुताबिक शाम 5 बजे के बाद सीवर की सफाई प्रतिबंधित है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण के पास तीन सुपर सकर मशीनें, दो निजी सुपर सकर मशीनें और छह सीवर क्लीनिंग मशीनें उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से सीवर की सफाई कराई जानी चाहिए। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यह देखा जाएगा कि निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन हुआ था या नहीं।
प्रारंभिक आशंका है कि सीवर के अंदर जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण शिवा की तबीयत बिगड़ी, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि पुलिस का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
हादसे के बाद मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी एकत्र हुए और घटना के विरोध में नारेबाजी करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार ऐसे हादसे होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।
पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि सीवर में उतारने से पहले क्या सफाईकर्मी को गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट, सेफ्टी हार्नेस, हेलमेट और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। साथ ही यह भी जांच का विषय है कि सीवर सफाई के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन किया गया था या नहीं।
गेझा गांव सेक्टर 93 की यह घटना एक बार फिर उस गंभीर सवाल को सामने लाती है कि जब सीवर सफाई के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं और मैनुअल सफाई को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं, तब भी आखिर क्यों सफाईकर्मियों की जान जोखिम में पड़ रही है। शिवा की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं, जिनका जवाब अब जांच के बाद सामने आएगा।।
