मंगलवार, 28 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: स्मार्ट सिटी के दावों पर बरौला में जलभराव की चोट: घुटनों तक पानी में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा!!

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गौतमबुद्धनगर: स्मार्ट सिटी के दावों पर बरौला में जलभराव की चोट: घुटनों तक पानी में स्कूल जाने को मजबूर बच्चे, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। स्मार्ट सिटी के रूप में पहचान रखने वाले नोएडा के सेक्टर-49 स्थित बरौला गांव में बारिश के बाद जलभराव ने विकास के दावों की पोल खोल दी है। मामूली बारिश के बाद गांव की मुख्य सड़कें, गलियां और बाजार पानी से लबालब भर गए, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और व्यापारियों को उठानी पड़ रही है।

बरौला गांव की तस्वीरें लोगों को झकझोर देने वाली हैं। स्कूल यूनिफॉर्म पहने मासूम बच्चे कंधों पर बैग टांगकर घुटनों तक गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। कई अभिभावक अपने छोटे बच्चों को गोद में उठाकर जलभराव वाले रास्तों से निकालते दिखाई दिए। वहीं डिलीवरी बॉय अपनी स्कूटी को पानी में धक्का देकर ले जाते नजर आए। दुकानों के सामने पानी भरने से व्यापार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई दुकानदारों का कामकाज ठप हो गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान यही हालात बनते हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि स्मार्ट सिटी के बड़े-बड़े दावों के बावजूद बरौला गांव मूलभूत सुविधाओं के लिए आज भी संघर्ष कर रहा है। ग्रामीणों का दर्द इस बात से भी झलकता है कि वे कहने लगे हैं, "हमारा तो पहले वाला गांव ही ठीक था।"

लगातार बनी इस गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आक्रोश भी सामने आया। बीते दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ नाराजगी जताई। प्रदर्शन के बाद प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचे, जलभराव की स्थिति का निरीक्षण किया और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

इस पूरे मामले पर बरौला गांव के वरिष्ठ समाजसेवी एवं किसान नेता चौधरी बी.सी. प्रधान ने कहा कि वर्षों से गांव के लोग जलभराव की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग स्थायी समाधान करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरौला गांव के सम्मान और यहां के लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष लगातार जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण अपने आश्वासन पर अमल करते हुए जल्द जल निकासी की समुचित व्यवस्था करेगा ताकि ग्रामीणों को इस समस्या से स्थायी राहत मिल सके।

चौधरी बी.सी. प्रधान ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले सभी मीडिया संस्थानों और पत्रकारों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मीडिया ने बरौला गांव की वास्तविक तस्वीर जनता और प्रशासन के सामने रखी, जिससे समस्या की गंभीरता उजागर हुई और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर कार्रवाई के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाने में मीडिया की भूमिका हमेशा महत्वपूर्ण रही है।।