बुधवार, 1 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा, डीएम ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश!!

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गौतमबुद्धनगर में नशे के नेटवर्क पर कसेगा शिकंजा, डीएम ने सभी विभागों को दिए सख्त निर्देश!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा, 1 जुलाई। गौतमबुद्धनगर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने और युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान को और तेज करने का फैसला किया है। इसी क्रम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में नार्को कोर्डिनेशन सेंटर (एनसीओआरडी) की जिला स्तरीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ समन्वित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को "नार्कोटिक्स फ्री जिला" बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए पुलिस, आबकारी, शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण सहित सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्रवाई करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में व्यापक जनजागरूकता फैलाना भी उतना ही आवश्यक है।

जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि पिछले माह पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध मादक पदार्थों और अवैध शराब के खिलाफ सघन कार्रवाई की गई। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई भी सुनिश्चित की जा रही है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, छात्रावासों, पीजी, कोचिंग संस्थानों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में नियमित रूप से नशा मुक्ति और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि इन परिसरों में किसी भी प्रकार की नशे से जुड़ी गतिविधि संचालित न हो।

बैठक के दौरान तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना ने बताया कि विभाग द्वारा जनपद के 34 शैक्षणिक संस्थानों में नशा एवं तंबाकू नियंत्रण विषयक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा अभियान चलाकर 10 शैक्षणिक संस्थानों के आसपास संचालित तंबाकू विक्रेताओं की दुकानों को हटाया गया, ताकि विद्यार्थियों की नशीले पदार्थों तक आसान पहुंच को रोका जा सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चल रहे अभियानों एवं जनजागरूकता कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित हो। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी, प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई तथा युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के निर्देश देते हुए कहा कि जनपद को "नार्कोटिक्स फ्री जिला" बनाने के लक्ष्य को पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ाया जाए।

बैठक में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. श्वेता खुराना, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार, जिला समाज कल्याण अधिकारी सतीश कुमार, पुलिस विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।