गौतमबुद्धनगर: फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से करोड़ों की साइबर ठगी का खुलासा, बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी नोएडा से गिरफ्तार!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा, 4 जुलाई। थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को शेयर बाजार में निवेश कर मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के बैंक खाते में अब तक साइबर ठगी से जुड़े करीब 1.78 करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ है, जबकि वर्तमान मामले में ही 15.50 लाख रुपये की ठगी की रकम उसके खाते में प्राप्त हुई थी। आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में कुल 26 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार पीड़ित ने 2 मई 2025 को थाना साइबर क्राइम नोएडा में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसे एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को शेयर मार्केट का विशेषज्ञ बताने वाले साइबर अपराधियों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर निवेश कराया और लाखों रुपये की ठगी कर ली। शिकायत के आधार पर थाना साइबर क्राइम में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान साइबर पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, तकनीकी विश्लेषण और अभिसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 3 जुलाई 2026 को अमलेश प्रसाद निवासी सूरजपुर, गौतमबुद्धनगर को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त एप्पल आईफोन 13 प्रो मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी साइबर ठगों को 10 प्रतिशत कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराता था। इन्हीं खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम जमा कराई जाती थी। जांच में पता चला कि वर्तमान मामले में ठगी के 15.50 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। वहीं अब तक उसके खाते में साइबर अपराध से संबंधित करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये जमा होने की पुष्टि हुई है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कोई नया अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ तेलंगाना में 8, कर्नाटक में 6, तमिलनाडु में 3, केरल और महाराष्ट्र में 2-2 तथा हरियाणा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में कुल 26 साइबर अपराधों के मुकदमे दर्ज हैं। इससे स्पष्ट होता है कि आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध थाना साइबर क्राइम गौतमबुद्धनगर में दर्ज मुकदमा संख्या 72/2025 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319(2) तथा आईटी एक्ट की धारा 66D के तहत कार्रवाई की है। पुलिस अब आरोपी के अन्य साथियों, बैंक खातों और साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया जा सके।
इस कार्रवाई के साथ ही पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से निवेश करने से पहले उसकी सत्यता की अच्छी तरह जांच करें। केवल सेबी से पंजीकृत निवेश सलाहकारों और अधिकृत ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर ही निवेश करें तथा अधिक मुनाफे का लालच देने वाले प्रस्तावों से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं और निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।
पुलिस ने लोगों को यह भी आगाह किया है कि अपना OTP, CVV, PIN, पासवर्ड अथवा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें, क्योंकि थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक हानि का कारण बन सकती है।।
