गौतमबुद्धनगर: गर्भ से बचपन तक पोषण सुरक्षा का संकल्प: गौतमबुद्धनगर में 'सम्भव अभियान-6.0' शुरू, कुपोषण मुक्त भविष्य पर सरकार का विशेष फोकस!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 15 जुलाई। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने तथा कुपोषण के खिलाफ प्रभावी लड़ाई को गति देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जनपद गौतमबुद्धनगर में 'सम्भव अभियान-6.0' की शुरुआत की गई है। जुलाई से सितंबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इसी क्रम में बुधवार को बाल विकास परियोजना केंद्र बिसरख के अंतर्गत ग्राम तिलपत और गेझा में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, नवजात शिशुओं की देखभाल और बच्चों के समुचित पोषण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। साथ ही पोषण संबंधी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी उन्हें जागरूक किया गया।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 'सम्भव अभियान-6.0' का मुख्य उद्देश्य जनपद में कुपोषण की रोकथाम करना, गंभीर कुपोषण (SAM) और मध्यम कुपोषण (MAM) से पीड़ित बच्चों की समय पर पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना तथा कम वजन वाले नवजात शिशुओं (Low Birth Weight) के प्रभावी प्रबंधन को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं की नियमित प्रसवपूर्व जांच (ANC), आवश्यक पोषण परामर्श तथा टेक होम राशन (THR) का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। वहीं जन्म से छह माह तक के शिशुओं के लिए केवल स्तनपान को बढ़ावा देने, धात्री माताओं को पोषण संबंधी परामर्श देने और टेक होम राशन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चों को कुपोषण से बचाया जा सके।
अभियान की विशेषता यह भी है कि इसकी पूरी प्रक्रिया की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके लिए 'पोषण ट्रैकर' और 'ई-कवच' पोर्टल के माध्यम से नियमित अनुश्रवण किया जाएगा, जिससे प्रत्येक लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके और अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि अभियान का संचालन बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग, स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है। जनपद एवं ब्लॉक स्तर के सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अभियान को पूरी समयबद्धता, गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ संचालित किया जाए, ताकि मातृ एवं शिशु पोषण से जुड़े सरकारी लक्ष्य प्रभावी रूप से हासिल किए जा सकें।
प्रशासन का मानना है कि 'सम्भव अभियान-6.0' के माध्यम से जनपद में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा तथा कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होगी।।
