गौतमबुद्धनगर: नोएडा में आग का तांडव: मामूरा की 5 मंजिला इमारत बनी मौत का जाल, युवक-युवती की दर्दनाक मौत!!
दो टूक//नोएडा। दिल्ली से सटे नोएडा में बुधवार को एक दर्दनाक अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। थाना फेस-3 क्षेत्र के सेक्टर-66 स्थित मामूरा गांव की गली नंबर-2 में स्थित जी+4 रिहायशी इमारत में अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। आग और धुएं के बीच इमारत में रहने वाले लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए छत से छत पर छलांग लगाई, जबकि दमकल और पुलिस की टीम ने साहसिक रेस्क्यू अभियान चलाकर करीब 50 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला।
हालांकि इस दर्दनाक हादसे में एक युवक और एक युवती की झुलसकर मौत हो गई, जबकि एक बच्चा और एक युवती गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक महिला और एक पुरुष को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
स्कूटी की बैटरी चार्जिंग के दौरान स्पार्क से लगी आग की आशंका
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ग्राउंड फ्लोर पर इलेक्ट्रिक वाहन (स्कूटी) की बैटरी चार्जिंग के दौरान स्पार्क हुआ। स्पार्क से आसपास खड़े पेट्रोल वाहनों ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते लपटें पूरी इमारत में फैल गईं। आग के साथ उठे घने धुएं ने लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल कर दिया।
सात दमकल गाड़ियों ने पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस की सात दमकल गाड़ियां, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। इस दौरान दमकल कर्मियों ने जान जोखिम में डालकर इमारत में फंसे लोगों को बाहर निकाला।
छतों के रास्ते भागे लोग, मची चीख-पुकार
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। धुएं और आग की लपटों से बचने के लिए कई लोग पड़ोसी मकानों की छतों पर कूद गए। महिलाओं और बच्चों की चीख-पुकार से पूरा इलाका गूंज उठा। स्थानीय लोगों ने भी राहत और बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग किया।
मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा, आरोपी हिरासत में
पुलिस के अनुसार यह जी+4 इमारत थी, जिसमें लगभग 50 परिवार रह रहे थे। घटना के बाद थाना फेस-3 पुलिस ने मकान मालिक/लीज धारक के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इमारत में अग्नि सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम थे या नहीं और कहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई।
आग के कारणों की विस्तृत जांच जारी
पुलिस और फायर विभाग की टीमें घटनास्थल से साक्ष्य जुटा रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान स्पार्क से आग लगने की आशंका है, लेकिन आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही होगी।
यह हादसा एक बार फिर बहुमंजिला रिहायशी इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, अवैध निर्माण और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्जिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे भवनों की व्यापक जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
