रविवार, 12 जुलाई 2026

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में फर्जी लोन कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कम ब्याज का झांसा देकर करोड़ों की साइबर ठगी; 5 आरोपी गिरफ्तार!!

शेयर करें:

गौतमबुद्धनगर: नोएडा में फर्जी लोन कॉल सेंटर का भंडाफोड़, कम ब्याज का झांसा देकर करोड़ों की साइबर ठगी; 5 आरोपी गिरफ्तार!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट की थाना फेस-1 पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्टर-2 स्थित एक कार्यालय पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देशभर के लोगों को सस्ते ब्याज पर लोन दिलाने का लालच देकर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से डी-80, सेक्टर-2, नोएडा स्थित एक कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई। यहां से पवन कुमार, मोहित, हर्ष शर्मा, स्वाती और प्रीति को गिरफ्तार किया गया। मौके से ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे पांच मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, छह चेकबुक, एक पासबुक, 160 कॉलिंग डेटा शीट, 11 स्क्रिप्ट बुक, एक बिलिंग बुक तथा एक इंटरनेट राउटर बरामद किया गया।

पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से ऐसे लोगों का डेटा जुटाते थे जिन्हें लोन की आवश्यकता होती थी। इसके बाद कॉल कर बेहद कम ब्याज दर पर तुरंत लोन दिलाने का भरोसा दिया जाता था। विश्वास में लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। साथ ही आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी भी हासिल कर लिए जाते थे। रकम मिलने के बाद न तो लोन उपलब्ध कराया जाता था और न ही जमा कराई गई फीस वापस की जाती थी।

थाना फेस-1 पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन साइबर वज्र' के दौरान इस गिरोह का खुलासा हुआ। पुलिस ने थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण कर विभिन्न बैंकों के हॉटस्पॉट और रेड जोन चिह्नित किए थे। इसी जांच के दौरान एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज शिकायतों और लगभग 2500 मोबाइल नंबरों के विश्लेषण के आधार पर इस फर्जी कॉल सेंटर तक पुलिस पहुंची।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा देकर प्रोसेसिंग फीस वसूलते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर विभिन्न राज्यों से 10 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों ने अब तक अनेक लोगों से करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की है और मामले में अन्य कड़ियों की भी जांच की जा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में मुकदमा संख्या 340/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी में मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस गिरोह के बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन, अन्य साथियों और साइबर नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।।