गौतमबुद्धनगर: नोएडा में विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने वाले साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, फर्जी 'साइबर सिक्योरिटी' बनकर अमेरिका में करते थे करोड़ों की ठगी!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना बिसरख पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कार्रवाई करते हुए दो पुरुष और चार महिलाओं को गिरफ्तार किया। यह गिरोह खुद को साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ और सोशल सिक्योरिटी अधिकारी बताकर अमेरिकी नागरिकों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छह लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, एक हेडफोन, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा 5,200 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 11 जुलाई 2026 को की गई इस कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आकिब अमीन, चर्चित शर्मा, कृष्णा देव वर्मन, एंजल देव वर्मन, रंजना सुनार और रेखा के रूप में हुई है। सभी आरोपी बिसरख क्षेत्र स्थित चेरी काउंटी सोसायटी में रहकर इस साइबर ठगी नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। इनमें से अधिकांश मूल रूप से असम के विभिन्न जिलों के निवासी हैं, जबकि एक आरोपी दिल्ली का रहने वाला है।
गूगल विज्ञापनों के जरिए बिछाते थे ठगी का जाल
जांच में सामने आया कि आरोपी गूगल पर वायरस हटाने, बग्स फिक्स करने और साइबर सिक्योरिटी सेवाओं से जुड़े फर्जी विज्ञापन चलाते थे। जब कोई विदेशी नागरिक अपनी तकनीकी समस्या का समाधान खोजते हुए इन विज्ञापनों पर पहुंचता था, तो उसे एक फर्जी हेल्पलाइन नंबर उपलब्ध कराया जाता था। कॉल करने पर आरोपी स्वयं को सोशल सिक्योरिटी अथॉरिटी या साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट बताकर भरोसा जीतते और फिर तकनीकी सहायता के नाम पर धोखाधड़ी कर रकम ऐंठ लेते थे।
पुलिस का कहना है कि यह गिरोह विशेष रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था और पूरी वारदात को बेहद संगठित तरीके से अंजाम देता था। बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच कर गिरोह के अन्य सदस्यों, बैंक खातों और ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा रहा है। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि इस नेटवर्क के तार देश के अन्य राज्यों या विदेशों से जुड़े हैं या नहीं।
इस मामले में थाना बिसरख में मुकदमा संख्या 458/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 3(5) तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी है।।
