शुक्रवार, 5 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: बालिका गृहों में पहुंची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, किशोरियों को बताए कानूनी अधिकार और आत्मनिर्भरता के मंत्र!!

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गौतमबुद्धनगर: बालिका गृहों में पहुंची जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की टीम, किशोरियों को बताए कानूनी अधिकार और आत्मनिर्भरता के मंत्र!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 04 जून 2026।
किशोरियों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने और बालिका गृहों की व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर ने विशेष अभियान चलाया। इस क्रम में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत ने सेक्टर-62 स्थित राजकीय बालिका संप्रेषण गृह एवं राजकीय बाल गृह (बालिका) का निरीक्षण किया तथा वहां निवासरत किशोरियों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान आयोजित विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर में किशोरियों को निःशुल्क विधिक सहायता, उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, बाल संरक्षण कानूनों तथा बाल श्रम निषेध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। शिविर का उद्देश्य किशोरियों में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाना रहा।

सचिव शिवानी रावत ने बालिका गृहों में रह रही किशोरियों से उनके मुकदमों की वर्तमान स्थिति, शिक्षा, स्वास्थ्य, खान-पान एवं अन्य सुविधाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि किशोरियों की आवश्यकताओं और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर उन्होंने किशोरियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने समय का सकारात्मक उपयोग करें और गृह में संचालित योग, नृत्य, सिलाई-कढ़ाई, कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करें। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां न केवल आत्मविश्वास बढ़ाती हैं बल्कि भविष्य में आत्मनिर्भर बनने और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने बालिका गृहों की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में प्रभारी अधीक्षिका अनुदिता सिंह सहित अन्य महिला स्टाफ भी उपस्थित रहा।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल को किशोरियों के अधिकारों की रक्षा, उनके सर्वांगीण विकास और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।।