गौतमबुद्धनगर: चलती गाड़ियों को बनाते थे निशाना, 15 लाख के 67 चोरी के मोबाइल के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश!!
दो टूक//नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की थाना फेस-1 पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 15 लाख रुपये मूल्य के 67 चोरी के मोबाइल फोन, मोबाइल खोलने के उपकरण, लैपटॉप और दो अवैध चाकू बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 5 जून 2026 को सेक्टर-14 स्थित गंदे नाले की पटरी के पास चेकिंग के दौरान कार्रवाई करते हुए पवन और गोलू को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह दिल्ली, नोएडा, एनसीआर समेत आसपास के क्षेत्रों में बेहद शातिर तरीके से मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था।
दुर्घटना का नाटक कर उड़ाते थे मोबाइल
जांच में खुलासा हुआ कि गिरोह में शामिल बाल अपचारी व्यस्त सड़कों और रेड लाइट चौराहों पर अचानक चलती गाड़ियों के सामने आकर चोट लगने का नाटक करता था। उसके शोर मचाने पर वाहन चालक गाड़ी से उतरकर स्थिति देखने लगता था। इसी दौरान गिरोह का दूसरा सदस्य गाड़ी की दूसरी ओर से खिड़की खोलकर मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो जाता था।
इसके अलावा आरोपी भीड़भाड़ वाले बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और राहगीरों की जेब से मोबाइल चोरी करने के साथ-साथ पीजी और बंद पड़े मकानों में भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
लैपटॉप से तोड़ते थे मोबाइल का लॉक
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन को आरोपी सस्ते दामों पर राह चलते लोगों को बेच देते थे। जो मोबाइल नहीं बिकते थे, उनके लॉक लैपटॉप और विशेष उपकरणों की मदद से तोड़े जाते थे। इसके बाद मोबाइल के पार्ट्स अलग-अलग कर बाजार में बेच दिए जाते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक एचपी कंपनी का लैपटॉप, मोबाइल रिपेयरिंग और अनलॉकिंग में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए हैं।
भारी मात्रा में बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 67 चोरी के मोबाइल फोन, छह टूटे हुए मोबाइल फोल्डर, एक एचपी लैपटॉप, पांच चिमटी, 14 विभिन्न प्रकार के पेचकस, एक मिनी ग्राइंडर, एक छोटी रेती, एक नुकीला प्लास, एक वायर कटर, दो मीटर लंबी केबल तथा दो अवैध चाकू बरामद किए हैं।
पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-1 में चोरी, स्नैचिंग और आर्म्स एक्ट से संबंधित मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस दिलाने की प्रक्रिया में जुटी है। साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों और इनके नेटवर्क के संबंध में भी जांच की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नोएडा और एनसीआर क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।।
