गौतमबुद्धनगर: जनगणना में लापरवाही पड़ी भारी: दो कर्मचारी निलंबित, पांच संविदाकर्मियों पर गिरी गाज, एफआईआर की भी तैयारी!!
दो टूक// गौतमबुद्धनगर: राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्य में अपेक्षित प्रगति न मिलने पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जनगणना कार्य की समीक्षा के दौरान सामने आया कि बड़ी संख्या में हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों (HLB) पर कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है, जबकि कई कर्मचारी ड्यूटी से बचने अथवा उसे बदलवाने के प्रयासों में लगे हुए हैं। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार कुल 2284 हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों (HLB) में से 1172 पर कार्य प्रगति पर है, जबकि केवल 16 HLB का कार्य पूर्ण हो पाया है। वहीं 1096 HLB ऐसे हैं, जहां अब तक कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ है। इस प्रकार जनगणना कार्य की प्रगति मात्र 52 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी है, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम मानी जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में कई कर्मचारियों द्वारा पर्याप्त रुचि नहीं ली जा रही है। लगातार चेतावनी और निर्देशों के बावजूद कुछ कर्मचारियों द्वारा कार्य में लापरवाही बरती गई तथा ड्यूटी कटवाने या बदलवाने के प्रयास किए गए, जिससे जनगणना अभियान की गति प्रभावित हुई।
इसी के चलते प्राधिकरण ने नियमित कर्मचारी श्रीमती श्वेता तलवार और श्रीमती पिंकी मावी के निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके अलावा संविदाकर्मी नीरज, ईश्वर तरण, महबूब अली, राजेश शर्मा और धर्मेंद्र सिंह की सेवाएं समाप्त करने की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने वाले अन्य कर्मचारियों की भी पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ निलंबन अथवा सेवा समाप्ति जैसी कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिन विभागों के कर्मचारी अब तक जनगणना कार्य शुरू नहीं कर पाए हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए संबंधित विभागाध्यक्षों को पत्र भेजे जा रहे हैं।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि मामले को केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रखा जाएगा। संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा-5 एवं धारा-11 के तहत कानूनी कार्रवाई करते हुए विधि सम्मत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों का आधार होती है। ऐसे में इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।।
