गौतमबुद्धनगर: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, यातायात नियमों के पालन के लिए चलेगा व्यापक अभियान!!
!!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 29 जून। जनपद में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने, सड़क हादसों में होने वाली मृत्यु दर कम करने तथा आमजन में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित विभागों को कई अहम निर्देश दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कानूनी और सामाजिक दायित्व भी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नियमित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाई जा सके।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग, यातायात पुलिस तथा नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध स्टैंड, अवैध पार्किंग, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध नियमित अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) की पहचान कर वहां अल्पकालिक और दीर्घकालिक सुधारात्मक कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं। उन्होंने अवैध कट बंद कराने और सड़क सुरक्षा संकेतकों को बेहतर बनाने पर भी विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि केवल चालान और कार्रवाई से सड़क हादसों पर पूरी तरह नियंत्रण संभव नहीं है। इसके लिए आम लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता पैदा करना भी उतना ही आवश्यक है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, औद्योगिक इकाइयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और अन्य ट्रैफिक नियमों के प्रति लोगों को जागरूक किया जा सके।
बैठक में हिट एंड रन मामलों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक सड़क दुर्घटना से संबंधित प्रकरण की ईडीएआर पोर्टल पर निर्धारित समयसीमा के भीतर शत-प्रतिशत एवं गुणवत्तापूर्ण प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समय पर सही जानकारी दर्ज होने से दुर्घटना पीड़ितों को मुआवजा एवं बीमा दावों के निस्तारण में तेजी आएगी। साथ ही सभी विभाग पोर्टल पर सूचनाओं को समयबद्ध एवं सटीक रूप से अपडेट करें, जिससे किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को शिक्षा विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जनपद के सभी विद्यालयों में विद्यालय यान सुरक्षा समिति के माध्यम से अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच, चालकों की नेत्र एवं स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए तथा बिना फिटनेस प्रमाणपत्र वाले किसी भी स्कूल वाहन को सड़कों पर संचालित न होने दिया जाए।
इसके अलावा जनपद की प्रमुख सड़कों और यातायात प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कर होल्डिंग एरिया चिन्हित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ट्रैफिक का संचालन अधिक व्यवस्थित और सुचारु बनाया जा सके।
बैठक के दौरान अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा तथा डीसीपी ट्रैफिक की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, उप जिलाधिकारी जेवर दुर्गेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर अभय कुमार सिंह, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. उदित नारायण पांडेय, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कंचन सहित पुलिस, प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला प्रशासन का मानना है कि विभागीय समन्वय, सख्त प्रवर्तन और जन-जागरूकता के संयुक्त प्रयासों से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की जा सकती है।
