गौतमबुद्धनगर: बैंकों की जवाबदेही तय, पात्र लाभार्थियों को समय पर मिलेगा ऋण: डीएम
सीडी रेशियो बढ़ाने, स्वयं सहायता समूहों और स्वरोजगार योजनाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश
दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 29 जून। बैंकों की जवाबदेही तय, पात्र लाभार्थियों को समय पर मिलेगा ऋण। इसी उद्देश्य के साथ सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की विभिन्न ऋण योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ऋण उपलब्ध कराया जाए और किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की आर्थिक प्रगति में बैंकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी बैंक सकारात्मक सोच के साथ कार्य करें तथा विभागों से प्राप्त ऋण आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर ऋण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वयं सहायता समूह को ऋण मिलने से लगभग दस परिवारों की आजीविका मजबूत होती है, इसलिए ऐसे मामलों का शीघ्र निस्तारण किया जाए।
मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने पात्र युवाओं को समय पर ऋण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक के दौरान समीक्षा में सामने आया कि जनपद का क्रेडिट-डिपॉजिट (सीडी) रेशियो गत तिमाही में 58.01 प्रतिशत रहा। इस पर जिलाधिकारी ने असंतोष जताते हुए कहा कि कई बैंक शाखाओं का सीडी रेशियो अपेक्षाकृत कम है। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे बैंकों के संबंध में संबंधित रीजनल मैनेजर को जिला प्रशासन की ओर से पत्र भेजा जाए तथा दस दिनों के भीतर सभी रीजनल हेड के साथ बैठक कर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि भारतीय रिजर्व बैंक के मानकों के अनुरूप जनपद का सीडी रेशियो बढ़ाया जा सके।
उन्होंने प्रत्येक विकासखंड के लिए नोडल अधिकारी नामित करने, बैंकर्स समिति की बैठकों में संबंधित उप जिलाधिकारियों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा ब्लॉकवार नियमित समीक्षा के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने फसल बीमा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना और वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी) योजना के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना सहित वित्तीय समावेशन की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा, ताकि अधिक से अधिक पात्र नागरिक इनका लाभ उठा सकें।
बैठक के दौरान संबंधित डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर की अनुपस्थिति पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शासन एवं वित्त विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिए। साथ ही आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण और आधार सेवा केंद्रों के नियमित निरीक्षण के भी निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, प्रभारी जिला विकास अधिकारी एवं जिला परियोजना निदेशक डीआरडीए नेहा सिंह, एजीएम (एलडीओ) जे.एस. कालरा, उपयुक्त उद्योग पंकज निर्वाण, अग्रणी जिला प्रबंधक राम विनोद कुमार, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।।
