गौतमबुद्धनगर: बीट पुलिसिंग और जनसुनवाई पर जोर, लंबित विवेचनाओं के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश!!
!! वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!
सूरजपुर पुलिस मुख्यालय में एडीसीपी सेंट्रल नोएडा ने अधिकारियों के साथ की महत्वपूर्ण गोष्ठी
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की कानून व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने की दिशा में पुलिस मुख्यालय, सूरजपुर में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। पुलिस कमिश्नर गौतमबुद्धनगर श्रीमती लक्ष्मी सिंह के निर्देशानुसार तथा डीसीपी सेंट्रल नोएडा श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में एडीसीपी सेंट्रल नोएडा श्री स्वतंत्र कुमार सिंह ने सभी एसीपी, थाना प्रभारियों, चौकी प्रभारियों एवं बीट आरक्षियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गोष्ठी के दौरान एडीसीपी ने बीट पुलिसिंग को और अधिक सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों को नियमित रूप से अपने-अपने बीट क्षेत्रों का भ्रमण करने, आमजन से संवाद स्थापित करने तथा जनसंपर्क बढ़ाकर पुलिस और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रभावी बीट पुलिसिंग से अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ स्थानीय समस्याओं का त्वरित समाधान भी संभव हो सकेगा।
बैठक में सभी विवेचकों को लंबित विवेचनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 60 एवं 90 दिवस से अधिक समय से लंबित विवेचनाओं का प्राथमिकता के आधार पर निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से निस्तारण किया जाए, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
इसके अलावा, सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए। एडीसीपी ने कहा कि गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए विशेष टीमों का गठन किया जाए तथा समुचित प्रचार-प्रसार के माध्यम से उनकी शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए।
गोष्ठी में उपस्थित सभी अधिकारियों को नियमित रूप से जनसुनवाई आयोजित करने तथा जनता की शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, आईजीआरएस (IGRS) के माध्यम से प्राप्त होने वाली शिकायतों का भी गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
एडीसीपी सेंट्रल नोएडा ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध नियंत्रण तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के बीच सुरक्षा और विश्वास का वातावरण स्थापित करना भी है। इसके लिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करना होगा।।
