किसान कुंभ में छाया नोएडा का सेवा मॉडल, ‘टिकैत रसोई’ बनी किसानों और श्रद्धालुओं का भरोसा!!
दो टूक//हरिद्वार। भारतीय किसान यूनियन द्वारा उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित वीआईपी घाट पर आयोजित चार दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर ‘किसान कुंभ-2026’ का समापन किसान हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हजारों किसानों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और किसान नेताओं की मौजूदगी वाले इस महाआयोजन में जहां कृषि और किसान आंदोलनों के भविष्य पर व्यापक चर्चा हुई, वहीं गौतमबुद्ध नगर की ‘टिकैत रसोई नोएडा’ सेवा, समर्पण और सामाजिक जिम्मेदारी का अनूठा उदाहरण बनकर उभरी।
भाकियू गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी के नेतृत्व में संचालित ‘टिकैत रसोई नोएडा सेवा भाव’ ने पूरे शिविर के दौरान निरंतर भंडारे का संचालन किया। हजारों किसानों, कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने यहां प्रसाद ग्रहण किया। भोजन की गुणवत्ता, व्यवस्थाओं और सेवा भावना ने सभी का ध्यान आकर्षित किया और टिकैत रसोई किसान कुंभ के प्रमुख आकर्षणों में शामिल रही।
कोरोना महामारी के दौरान शुरू हुई यह पहल आज एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुकी है। किसान आंदोलनों, धार्मिक आयोजनों, प्राकृतिक आपदाओं और जनहित के विभिन्न कार्यक्रमों में सक्रिय रहने वाली टिकैत रसोई जरूरतमंद लोगों तक भोजन और सहयोग पहुंचाने का लगातार कार्य कर रही है। यही कारण है कि आज यह केवल एक रसोई नहीं, बल्कि सेवा और मानवीय संवेदनाओं की पहचान बन चुकी है।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए अशोक भाटी ने कहा कि “टिकैत रसोई किसानों की सेवा संस्कृति और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक है। हमारा प्रयास रहता है कि जहां भी जरूरत हो, वहां सेवा पहुंचाई जाए। किसान केवल अन्न पैदा करने वाला नहीं, बल्कि समाज के सुख-दुख में साथ खड़ा रहने वाला वर्ग भी है और टिकैत रसोई उसी सोच का विस्तार है।”
उन्होंने कहा कि किसान आंदोलन ने देश को एकजुटता, संघर्ष और सेवा का संदेश दिया है तथा टिकैत रसोई उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी कार्यकर्ताओं और किसानों का आभार भी व्यक्त किया।
शिविर के दौरान देसी घी से तैयार खीर, पूरी, सीताफल तथा आलू-टमाटर के प्रसाद की विशेष चर्चा रही। रसोई में भोजन ग्रहण करने वाले लोगों ने स्वाद और व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसान आंदोलन की आत्मीयता और भाईचारे का प्रतीक बताया। कई किसान नेताओं ने कहा कि टिकैत रसोई ने किसान कुंभ में घर जैसा अपनापन महसूस कराया।
इस अवसर पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, चौधरी गौरव टिकैत, राजवीर सिंह जादौन, प्रदेश अध्यक्ष राजपाल शर्मा, महिला प्रदेश अध्यक्ष बबली त्यागी, मेनपाल सिंह चौहान, गुड्डू प्रधान, सुभाष चौधरी, परविंदर अवाना, अनुज सिंह, ओमपाल मलिक, विधायक उमेश शर्मा, अतुल प्रधान, राजवीर लवानिया, प्रेम यादव, शांता प्रसाद चौधरी, अरब सिंह, मीरा सिंह, जिते चौहान, विजेंद्र सिंह, नफीस चंदेल सहित बड़ी संख्या में किसान नेता और गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने टिकैत रसोई की व्यवस्था और सेवा भावना की सराहना की।
सेवा कार्यों में झलकेश बाबूजी, ताराचंद भाटी, सुभाष भाटी, मनोज मावी, श्रीपाल कसाना, सुमित खारी, विपिन तंवर, सिंहराज गुर्जर, रविंद्र भगत, पवन चौरौली, प्रदीप भाटी, प्रमोद टाइगर, सचिन अवाना, लोकेश अवाना, अजय गुर्जर तथा वरिष्ठ पत्रकार देव गुर्जर सहित अनेक लोगों ने सक्रिय योगदान दिया।
किसान कुंभ के समापन पर टिकैत रसोई की ओर से उपयोग में लाए गए सभी बर्तन माता बलजोरी देवी अन्नपूर्णा भवन, सिसौली को भेंट किए गए। इस पहल के माध्यम से प्लास्टिक के उपयोग को कम करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
चार दिनों तक चली इस सेवा ने यह साबित कर दिया कि किसान केवल अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाला वर्ग ही नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में भी अग्रणी है। किसान कुंभ-2026 में टिकैत रसोई नोएडा ने सेवा, समर्पण और सामाजिक एकता की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा लंबे समय तक होती रहेगी।
