शुक्रवार, 19 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: दलित परिवार की जमीन हड़पने के आरोपों में घिरे सपा नेता राहुल अवाना, कोर्ट के फैसलों के बावजूद नहीं मिला कब्जा!!

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गौतमबुद्धनगर: दलित परिवार की जमीन हड़पने के आरोपों में घिरे सपा नेता राहुल अवाना, कोर्ट के फैसलों के बावजूद नहीं मिला कब्जा!!

 !!विशेष संवाददाता!!

दो टूक//नोएडा। समाजवादी पार्टी के नेता राहुल अवाना पर एक दलित परिवार की जमीन हड़पने की कोशिश के गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि न्यायालयों से उनके पक्ष में फैसले आने और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्रवाई के निर्देश दिए जाने के बावजूद आज तक उन्हें अपनी भूमि पर वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को सेक्टर-29 स्थित नोएडा मीडिया क्लब में प्रेसवार्ता आयोजित कर पीड़ित पक्ष ने न्याय की गुहार लगाई।

गाजियाबाद निवासी अधिवक्ता सुभाष चंद ने प्रेसवार्ता में बताया कि उनके पिता स्वर्गीय नत्थी सिंह पथिक ने वर्ष 1989-90 में भंगेल क्षेत्र में अपने बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए 2,117 वर्गगज भूमि खरीदी थी। उनके अनुसार बाद में राहुल अवाना के दादा ओमप्रकाश ने अपने पुत्रों के नाम 200-200 वर्गगज के चार प्लॉट खरीदे थे। इस दौरान लगभग 300 वर्गगज भूमि का अधिग्रहण नोएडा प्राधिकरण द्वारा कर लिया गया, जिसके बाद शेष बची 1,017 वर्गगज भूमि को लेकर विवाद शुरू हुआ।

सुभाष चंद का आरोप है कि इसी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से राहुल अवाना के परिवार की ओर से न्यायालय में वाद दायर किया गया, लेकिन अदालत ने उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर उनके परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद राहुल अवाना के पिता अजीत अवाना द्वारा दायर अपील भी 28 फरवरी 2025 को खारिज कर दी गई। इसके बावजूद उन्हें अपनी भूमि का कब्जा नहीं मिल सका।

उन्होंने बताया कि न्यायालय से राहत मिलने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन से भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की। इस संबंध में एसडीएम दादरी द्वारा मामले की जांच कर राजस्व विभाग को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन धरातल पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई न होने के कारण उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। उच्च न्यायालय ने भी उप जिलाधिकारी को निर्धारित समयसीमा में मामले का निस्तारण करने के निर्देश दिए थे।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में उप जिलाधिकारी ने उनके पक्ष में फैसला देते हुए भूमि की पक्की मेड़बंदी कराने के आदेश जारी किए। इसके लिए दो बार तिथि भी निर्धारित की गई, लेकिन दोनों अवसरों पर किसी न किसी कारण का हवाला देकर कार्रवाई टाल दी गई। उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर लगातार देरी किए जाने से उन्हें न्याय मिलने में बाधा उत्पन्न हो रही है।

प्रेसवार्ता के दौरान सुभाष चंद ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के अधिकारों की बात करती है, लेकिन विडंबना यह है कि एक दलित परिवार पिछले करीब 20 वर्षों से अपनी ही जमीन के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव के कारण न्यायालय और प्रशासनिक आदेशों का भी पूरी तरह पालन नहीं हो पा रहा है।

पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि न्यायालयों एवं राजस्व अधिकारियों के आदेशों का तत्काल पालन कराया जाए तथा उन्हें उनकी वैधानिक भूमि पर कब्जा दिलाया जाए। सुभाष चंद ने कहा कि यदि शीघ्र न्याय नहीं मिला तो वह अपनी लड़ाई आगे भी कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रखेंगे।

प्रेसवार्ता में उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा न्यायालय के आदेशों को प्रभावी ढंग से लागू कराने की मांग दोहराई।