गौतमबुद्धनगर: जेवर एयरपोर्ट की राह हुई आसान: सीएम योगी ने 45 इलेक्ट्रिक बसों को दिखाई हरी झंडी, 15 जून से सस्ते किराये में मिलेगा आधुनिक सफर!!
दो टूक//नोएडा। गौतमबुद्ध नगर के लाखों यात्रियों के लिए शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 45 नई इलेक्ट्रिक बसों को वर्चुअल माध्यम से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही सेक्टर-90 स्थित नए बस डिपो का भी उद्घाटन किया गया। यह पहल सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुलभ बनाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 जून से इलेक्ट्रिक बसों का नियमित संचालन शुरू हो जाएगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं के विस्तार के साथ यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ाकर 500 तक करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में ही इलेक्ट्रिक बसों के निर्माण के लिए टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड के विनिर्माण संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जबकि यमुना प्राधिकरण की ओर से तीन हाइड्रोजन बसें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी को मिलेगी नई रफ्तार
नई इलेक्ट्रिक बस सेवा से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी के लाखों यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और किफायती परिवहन सुविधा मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के चार प्रमुख मार्गों तथा यमुना सिटी के नौ निर्धारित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा। इन बसों में एलईडी डिस्प्ले बोर्ड समेत आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिनसे यात्रियों को रूट और गंतव्य की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
20 से 50 रुपये तक होगा किराया, आम लोगों को मिलेगी राहत
आम यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बसों का किराया बेहद किफायती रखा गया है। दूरी के आधार पर 20, 30 और 50 रुपये का किराया निर्धारित किया गया है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले छात्र, नौकरीपेशा लोग और अन्य यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी। बसों के संचालन से पहले चयनित मार्गों पर सफल ट्रायल रन भी किया गया था।
नोएडा एयरपोर्ट शुरू होने के बाद और बढ़ेगा बसों का बेड़ा
प्रशासन के अनुसार, जेवर एयरपोर्ट के पूरी तरह संचालित होने के बाद इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाकर 110 करने की योजना है। बढ़ती जरूरतों को देखते हुए ग्रेटर नोएडा में नए चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जा रहे हैं। इससे एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आवासीय सेक्टरों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।
'नए उत्तर प्रदेश' की बदलती तस्वीर का किया जिक्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश विकास और आधुनिक बुनियादी ढांचे के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में टूटी सड़कें, बिजली संकट और अव्यवस्था का माहौल था, जबकि आज एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, एयरपोर्ट और आधुनिक परिवहन सुविधाएं प्रदेश की नई पहचान बन रही हैं।
अयोध्या का उल्लेख करते हुए बोले मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा, "त्रेता युग में भगवान श्रीराम पुष्पक विमान से अयोध्या आए होंगे, लेकिन उसके बाद हजारों वर्षों तक अयोध्या को वायु सेवा का लाभ नहीं मिल पाया। आज महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अयोध्या की नई पहचान बन चुका है।"
उन्होंने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और जेवर जैसे एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में खड़ा कर रहे हैं और विकास की नई कहानी लिख रहे हैं।
हरित और आधुनिक परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
इलेक्ट्रिक बसों का संचालन केवल नई परिवहन सेवा की शुरुआत नहीं, बल्कि स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश का एक मजबूत कदम भी है। निजी वाहनों पर निर्भरता कम होने से ट्रैफिक दबाव घटेगा और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी।
जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले शुरू की गई यह ई-बस सेवा गौतमबुद्ध नगर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली पहल मानी जा रही है। आधुनिक सुविधाओं से लैस ये बसें आने वाले समय में लाखों यात्रियों के सफर को न केवल आसान बनाएंगी, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी को एक बेहतर और टिकाऊ परिवहन नेटवर्क से भी जोड़ेंगी।।
