शुक्रवार, 12 जून 2026

यूपीआईटीएस-2026 का दिल्ली से शंखनाद, सितंबर में ग्रेटर नोएडा बनेगा वैश्विक व्यापार का महाकुंभ!!

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यूपीआईटीएस-2026 का दिल्ली से शंखनाद, सितंबर में ग्रेटर नोएडा बनेगा वैश्विक व्यापार का महाकुंभ!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर, 12 जून 2026। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS)-2026 के चौथे संस्करण के लिए देशव्यापी प्रचार अभियान का आगाज शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित भव्य रोड शो के साथ हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार और इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड (IEML) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाला यह बहुप्रतीक्षित व्यापारिक आयोजन आगामी 25 से 29 सितंबर 2026 तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट, ग्रेटर नोएडा में आयोजित किया जाएगा। इस वर्ष का आयोजन व्यापार, निवेश, निर्यात और वैश्विक साझेदारियों के नए आयाम स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नई दिल्ली में आयोजित रोड शो, यूपीआईटीएस-2026 के देशव्यापी प्रचार अभियान का पहला चरण था। इसका उद्देश्य देशभर के उद्योग जगत, निर्यातकों, खरीदारों, व्यापारिक संगठनों और निवेशकों को इस प्रतिष्ठित आयोजन से जोड़ना तथा उनकी अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना है। आगामी महीनों में देश के विभिन्न शहरों में भी ऐसे रोड शो आयोजित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री भूपेन्द्र चौधरी मौजूद रहे। उनके साथ एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा, प्रमुख सचिव एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग शशि भूषण लाल सुशील (आईएएस), विदेश मंत्रालय के संयुक्त सचिव (राज्य) अजय कुमार, इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुदीप सरकार तथा फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन्स (FIEO) के अतिरिक्त महानिदेशक सुविध शाह भी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर भूपेन्द्र चौधरी ने कहा कि यूपीआईटीएस उत्तर प्रदेश की औद्योगिक शक्ति, उद्यमशीलता, निर्यात क्षमता और सांस्कृतिक समृद्धि का सशक्त प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन ने एमएसएमई क्षेत्र को मजबूती प्रदान करने, ओडीओपी उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने और उद्यमियों के लिए नए बाजार उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में यूपीआईटीएस एक प्रभावी उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा।

एमएसएमई राज्य मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि भारत की व्यापारिक और हस्तशिल्प परंपराओं को आधुनिक वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से यूपीआईटीएस की परिकल्पना की गई थी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश को दुनिया से जोड़ने वाला ऐसा सेतु है, जो भारतीय कौशल, स्वदेशी उत्पादों और उद्यमशीलता की भावना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिला रहा है।

प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील ने कहा कि यूपीआईटीएस राज्य सरकार के उस विज़न का प्रतिबिंब है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश को व्यापार, विनिर्माण, निर्यात और निवेश का पसंदीदा केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोड शो श्रृंखला के माध्यम से देशभर के उद्योग जगत से संवाद स्थापित कर अधिकाधिक संस्थानों और खरीदारों को इस आयोजन से जोड़ा जाएगा।

इंडिया एक्सपोजिशन मार्ट लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार ने कहा कि पिछले तीन संस्करणों को मिली अभूतपूर्व सफलता उद्योग जगत के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यूपीआईटीएस ने निर्माताओं, निर्यातकों, स्टार्टअप्स, कारीगरों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाकर व्यापारिक संभावनाओं के नए द्वार खोले हैं।

एफआईईओ के अतिरिक्त महानिदेशक सुविध शाह ने कहा कि विदेशी खरीदारों की बढ़ती भागीदारी यह साबित करती है कि उत्तर प्रदेश के उत्पादों और यहां उपलब्ध अवसरों के प्रति वैश्विक रुचि लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंचाने और सार्थक व्यापारिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए एफआईईओ निरंतर प्रयासरत है।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2025 में आयोजित यूपीआईटीएस के तीसरे संस्करण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। उन्होंने अपने संबोधन में एमएसएमई क्षेत्र को प्रोत्साहन देने, स्थानीय उद्यमों को सशक्त बनाने तथा "मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड" की अवधारणा को आगे बढ़ाने में इस आयोजन की भूमिका की सराहना की थी।

पिछले संस्करण की उपलब्धियां भी इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती हैं। वर्ष 2025 में आयोजित यूपीआईटीएस में 5,07,099 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया था, जिनमें 1,40,735 बी-टू-बी विजिटर्स शामिल थे। वहीं, 2,228 प्रदर्शकों ने 35 हजार वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल में अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रदर्शन किया। इस दौरान हजारों व्यापारिक बैठकें आयोजित हुईं, जिससे प्रतिभागी उद्यमों के लिए महत्वपूर्ण व्यावसायिक अवसर सृजित हुए।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी यूपीआईटीएस की पहचान लगातार मजबूत हुई है। पिछले संस्करण में 85 देशों के 550 से अधिक विदेशी खरीदारों ने इसमें भाग लिया, जिससे उत्तर प्रदेश की वैश्विक सोर्सिंग हब के रूप में स्थिति और सुदृढ़ हुई।

यूपीआईटीएस-2026 में उत्तर प्रदेश की विनिर्माण क्षमता, एमएसएमई क्षेत्र की ताकत, ओडीओपी उत्पादों, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र, निर्यात, पर्यटन, हस्तशिल्प, व्यंजन और उभरते औद्योगिक क्षेत्रों को एक ही मंच पर प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, "वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूज़ीन" (ODOC) जैसी पहलों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश जहां एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है, वहीं "यूपीआईटीएस-2026 का दिल्ली से शंखनाद" प्रदेश की आर्थिक प्रगति, वैश्विक व्यापारिक विस्तार और निवेश के नए अवसरों का संकेत माना जा रहा है। सितंबर में ग्रेटर नोएडा एक बार फिर देश और दुनिया के व्यापारिक समुदाय का केंद्र बनेगा, जहां से उत्तर प्रदेश की विकास गाथा को नई उड़ान मिलेगी।