मंगलवार, 30 जून 2026

गौतमबुद्धनगर: 15 दिन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें संस्थान, नहीं तो होगी सीलिंग; डीएम का सख्त अल्टीमेटम!!

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गौतमबुद्धनगर: 15 दिन में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन करें संस्थान, नहीं तो होगी सीलिंग; डीएम का सख्त अल्टीमेटम!!

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

दो टूक//गौतमबुद्धनगर। जनपद में आगजनी की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में स्पष्ट कर दिया गया कि कोचिंग संस्थान, निजी अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट, पीजी, हॉस्टल, लाइब्रेरी तथा अन्य सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को अगले 15 दिनों के भीतर अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी मानकों, एनओसी और वैधानिक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय सीमा के बाद नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थानों के खिलाफ सीलिंग सहित सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों, पीजी, हॉस्टल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालक एवं प्रबंधक मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संस्थान को बिना आवश्यक स्वीकृतियों, एनओसी और पंजीकरण के संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि भवन निर्माण संबंधी नियमों, बिल्डिंग बायलॉज और अग्नि सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन प्रत्येक संस्थान की जिम्मेदारी है। संबंधित विभागों द्वारा एनओसी, पंजीकरण और अन्य अनुमतियां प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया बैठक में विस्तार से समझाई गई, ताकि संस्थान संचालकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि सभी प्रतिष्ठानों में सुरक्षित एवं सुगम प्रवेश और निकास व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिन भवनों में बायोमेट्रिक या इलेक्ट्रॉनिक प्रवेश द्वार लगाए गए हैं, वहां संबंधित कर्मचारी की तैनाती अनिवार्य होगी। यदि किसी समय कर्मचारी मौजूद नहीं है तो आपातकालीन स्थिति में लोगों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए एग्जिट गेट हर समय खुला रखा जाए।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि बेसमेंट में किसी भी स्थिति में कोचिंग संस्थान, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट या अन्य सार्वजनिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन स्वीकार नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यदि ऐसा पाया गया तो संबंधित संस्थान के विरुद्ध तत्काल नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने लिफ्ट सुरक्षा को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि जिन संस्थानों में लिफ्ट संचालित हैं, वहां उसका विधिवत पंजीकरण, नियमित सुरक्षा परीक्षण तथा वार्षिक अनुरक्षण अनुबंध (AMC) अनिवार्य रूप से कराया जाए, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।

उन्होंने सभी संस्थानों को नियमित रूप से अग्निशमन मॉक ड्रिल आयोजित करने और प्रत्येक सप्ताह सभी शिफ्टों में कार्यरत कर्मचारियों को आपदा की स्थिति में बचाव एवं सुरक्षित निकासी का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि प्रशिक्षित कर्मचारी किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में गठित टीमें युद्धस्तर पर सघन निरीक्षण अभियान चलाएं। कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, होटलों, पीजी, हॉस्टलों और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण कर अग्नि सुरक्षा मानकों एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों के अनुपालन की जांच की जाए। जहां कहीं भी लापरवाही या नियमों का उल्लंघन मिले, वहां संबंधित अधिनियमों के तहत तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

बैठक के दौरान अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने संस्थान संचालकों को एनओसी, पंजीकरण, अग्नि सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी तथा उनकी शंकाओं का समाधान भी किया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे, नगर मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर आशुतोष गुप्ता, डिप्टी कलेक्टर विवेक भदोरिया, जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रशेखर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में संस्थान संचालक उपस्थित रहे। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया कि जनपद में अब अग्नि सुरक्षा मानकों के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।।