गौतमबुद्धनगर:सेक्टर-150 में रंगदारी का खेल खत्म: रेस्टोरेंट संचालकों और ठेला व्यापारियों को धमकाने वाले दो सगे भाई गिरफ्तार!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने रंगदारी वसूली करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर क्षेत्र के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ऐसे दो सगे भाइयों को दबोचा है, जिन पर रेस्टोरेंट संचालकों और ठेला व्यापारियों को डराकर हर महीने हजारों रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ समय से सेक्टर-150 और आसपास के क्षेत्रों में कई रेस्टोरेंट संचालकों एवं ठेला लगाने वाले व्यापारियों को लगातार धमकियां दी जा रही थीं। आरोप है कि दोनों आरोपी व्यापारियों पर दबाव बनाकर उनसे प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये की रंगदारी की मांग करते थे। विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी जाती थी, जिससे व्यापारी वर्ग में भय का माहौल बना हुआ था।
मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना नॉलेज पार्क पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सेक्टर-150 क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोनिन्द्र पुत्र महरचंद और नरेन्द्र पुत्र महरचंद निवासी ग्राम गढ़ी समस्तीपुर, थाना नॉलेज पार्क, गौतमबुद्धनगर के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी मोनिन्द्र का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है तथा वर्ष 2025 में उसके खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जा चुकी है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दोनों आरोपियों के विरुद्ध मारपीट, धमकी, रंगदारी और अन्य आपराधिक मामलों में पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में इनका खौफ बना हुआ था। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह भी पता लगाने में जुटी है कि रंगदारी वसूली के इस नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की रंगदारी, धमकी या आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे तत्वों के खिलाफ आगे भी सख्त अभियान जारी रहेगा।
इस गिरफ्तारी को क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और व्यापारियों में सुरक्षा का भरोसा कायम करने की दिशा में पुलिस की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।।
