गौतमबुद्धनगर: 12वीं मंजिल पर लगी आग ने खोली हाईराइज सुरक्षा की पोल, दमकल व्यवस्था पर उठे सवाल!!
दो टूक//नोएडा। थाना 113 अंतर्गत सेक्टर-75 स्थित एक हाईराइज अपार्टमेंट में 12वीं मंजिल पर लगी भीषण आग ने न केवल निवासियों में दहशत फैला दी, बल्कि शहर की ऊंची इमारतों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और दमकल संसाधनों की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग की लपटें ऊपरी मंजिल से उठती देख सोसायटी में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग अपार्टमेंट की 12वीं मंजिल पर लगी थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन शुरुआती प्रयासों के दौरान एक बड़ी चुनौती सामने आई। बताया जा रहा है कि दमकल वाहनों से छोड़ा गया पानी प्रभावी रूप से केवल 6वीं मंजिल तक ही पहुंच पा रहा था, जबकि आग उससे कहीं ऊपर भड़क रही थी। इस स्थिति ने मौके पर मौजूद लोगों की चिंता और बढ़ा दी।
आग पर काबू पाने के लिए बाद में हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और विशेष अग्निशमन उपकरणों की मदद ली गई। काफी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग को नियंत्रित किया और उसे अन्य फ्लैटों तक फैलने से रोक दिया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है, हालांकि आग से संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में ऊपरी मंजिल पर लगी आग और नीचे से आग बुझाने की कोशिशें साफ दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने हाईराइज इमारतों में अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता, फायर सेफ्टी ऑडिट और आपातकालीन तैयारियों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती हाईराइज इमारतों के बीच आधुनिक और ऊंचाई तक पहुंचने में सक्षम अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी है। ऐसे हादसे यह संकेत देते हैं कि केवल फायर एनओसी लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय-समय पर सुरक्षा मानकों की जांच और आपातकालीन अभ्यास भी आवश्यक हैं।
फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। वहीं इस घटना ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि क्या नोएडा जैसी तेजी से विकसित हो रही नगरीय बस्तियों में ऊंची इमारतों के अनुरूप दमकल व्यवस्था पूरी तरह सक्षम और पर्याप्त है या नहीं।
"12वीं मंजिल पर आग और 6वीं मंजिल तक पहुंचता पानी" — सेक्टर-75 की घटना ने हाईराइज सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक तैयारियों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।।
