गुर्जर बलिदान दिवस पर सीकर में शक्ति प्रदर्शन, अशोक भाटी के दमदार नेतृत्व ने जीता समाज का दिल!!
दो टूक//सीकर/राजस्थान, 23 मई 2026।
राजस्थान के सीकर जिले स्थित सुंदर दास धाम बामरडा में शनिवार को गुर्जर समाज की एकता, जागरूकता और सामाजिक शक्ति का ऐतिहासिक प्रदर्शन देखने को मिला। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के तत्वावधान में आयोजित गुर्जर बलिदान दिवस एवं भव्य गुर्जर जागृति सम्मेलन में देशभर से हजारों समाजबंधुओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और युवाओं ने भाग लिया। सम्मेलन में आरक्षण आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज को शिक्षा, संगठन और संस्कारों के माध्यम से मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया।
सम्मेलन में सबसे अधिक चर्चा गौतमबुद्धनगर के जिला अध्यक्ष अशोक भाटी की सक्रियता, संगठन क्षमता और समाजहित में उनके लगातार किए जा रहे कार्यों की रही। समाज के वरिष्ठ नेताओं और वक्ताओं ने मंच से कहा कि अशोक भाटी ने हमेशा समाज की आवाज को मजबूती से उठाने का काम किया है। युवाओं को शिक्षित और संगठित करने में उनकी भूमिका लगातार प्रभावशाली रही है। समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ और जमीनी कार्यशैली ने उन्हें एक भरोसेमंद नेतृत्व के रूप में स्थापित किया है।
राजस्थान पहुंचने से पहले महासभा के पदाधिकारियों और प्रमुख अतिथियों का नीमराना टोल, प्रिंस होटल बहरोड़, कोटपूतली, नीमकाथाना और खंडेला सहित कई स्थानों पर जोरदार स्वागत किया गया। राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. रूप सिंह बैसला के नेतृत्व में राजेंद्र खटाणा, रमेश रावत, प्रोफेसर जगराम, विधायक रामचंद्र रावत, विधायक रामस्वरूप, विधायक फूल सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री महादेव खंडेला सहित अनेक गणमान्य लोगों ने फूलमालाओं और जयघोष के साथ अतिथियों का अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की शुरुआत आरक्षण आंदोलन में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि देकर हुई। उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर शहीदों को नमन किया और उनके चित्रों पर पुष्प अर्पित किए। सम्मेलन की अध्यक्षता राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम फागणा ने की जबकि मंच संचालन रामेश्वर कसाना द्वारा किया गया।
सम्मेलन में पूर्व मंत्री एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत, महंत बलदेव दास, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश विकल, गौतमबुद्धनगर जिला अध्यक्ष अशोक भाटी, सुनील भाटी, शैतान सिंह, दाताराम जी, विपिन तंवर, अरुण भाटी सहित समाज के अनेक वरिष्ठ लोग मौजूद रहे। आयोजक समिति के भंवरलाल सरपंच और नेकीराम ने सभी अतिथियों का राजस्थान की पारंपरिक पगड़ी, शॉल और पुष्पमालाओं से सम्मान किया।
सम्मेलन के दौरान आरक्षण आंदोलन में बलिदान देने वाले 77 परिवारों की शौर्यगाथा को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह संघर्ष समाज की अस्मिता, अधिकार और सम्मान की लड़ाई थी, जिसे समाज की बहनों की राखी और वीरांगनाओं के सिंदूर की कीमत पर लड़ा गया। इसलिए शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने समाज में शिक्षा और संस्कारों को सबसे बड़ी ताकत बताया। बच्चों को आधुनिक शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने, युवाओं को स्वरोजगार अपनाने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया गया। समाज में पुस्तकालयों की स्थापना, विश्वविद्यालय, छात्रावास और पुनर्वास जैसी सुविधाओं को बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। सम्मेलन में प्रतिभाशाली बच्चों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया गया।
गौतमबुद्धनगर से पहुंचे समाज के लोगों ने कहा कि अशोक भाटी लगातार समाज के हर मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चाहे शिक्षा का विषय हो, युवाओं को मार्गदर्शन देना हो या समाज को एकजुट रखने का प्रयास—हर क्षेत्र में उनकी मजबूत भागीदारी दिखाई देती है। उनकी कार्यशैली और समाजसेवा के प्रति समर्पण ने युवाओं में नई ऊर्जा पैदा की है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने समाज को एकजुट रहने का संदेश देते हुए आगामी 31 अक्टूबर को आयोजित सरदार पटेल जयंती कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया। वहीं अखिल भारतीय गुर्जर महासभा ने बलिदान परिवारों के साथ हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर जगदीश सरपंच, रामफल सरपंच, देवेंद्र सिंह, सुरेश सरपंच, रंगलाल अंबावता, बलेश गुर्जर, भजनलाल ठेकेदार, विनोद गुर्जर सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। पूरे सम्मेलन में समाज की एकता, शक्ति और जागरूकता का अद्भुत उत्साह देखने को मिला।।
