गौतमबुद्धनगर: गुर्जर महासभा की हुंकार: दहेज प्रथा के खिलाफ बनेगी बड़ी रणनीति, सरदार पटेल जयंती पर दिल्ली में होगा शक्ति प्रदर्शन!!
दो टूक//ग्रेटर नोएडा। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा की एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली बैठक गुर्जर भवन में राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री हरिश्चंद्र भाटी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समाज से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेष रूप से आगामी 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के अवसर पर दिल्ली में आयोजित होने वाले भव्य कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर रणनीति बनाई गई। महासभा के पदाधिकारियों ने इसे समाज की एकता, शक्ति और सामाजिक जागरूकता का बड़ा आयोजन बनाने का संकल्प लिया।
बैठक के दौरान गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी एवं उनकी टीम ने राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी का शॉल ओढ़ाकर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने समाजहित में महासभा की सक्रिय भूमिका की सराहना की।
बैठक में समाज सुधार और युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर चिंतन किया गया। खास तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में दहेज प्रथा और उससे जुड़ी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज की छवि को धूमिल कर रही हैं और परिवारों को बर्बादी की ओर धकेल रही हैं। इसको लेकर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा द्वारा जल्द ही जिला, प्रदेश एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी की एक बड़ी बैठक बुलाने का निर्णय लिया गया, जिसमें दहेज जैसी सामाजिक कुरीतियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए ठोस रणनीति तैयार की जाएगी।
बैठक में गौतम बुद्ध नगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने समाज को जागरूक करने वाला प्रभावशाली संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि समाज को केवल राजनीतिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों को भी मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि आज माता-पिता को अपनी संतानों को संस्कार, संयम और संघर्ष की सीख देनी होगी, ताकि युवा हर परिस्थिति का मजबूती से सामना कर सकें।
अशोक भाटी ने कहा कि आवेश में उठाया गया कोई भी कठोर कदम दो परिवारों को जिंदगीभर का दर्द दे सकता है। दहेज और पारिवारिक विवादों से जुड़ी घटनाएं केवल एक घर नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करती हैं। उन्होंने समाज के लोगों से अपील करते हुए कहा कि सभी को एकजुट होकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ आगे आना होगा और आने वाली पीढ़ी को बेहतर वातावरण देना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि गुर्जर समाज हमेशा से संघर्ष, भाईचारे और राष्ट्रहित के लिए जाना जाता रहा है। अब समय आ गया है कि समाज शिक्षा, संस्कार और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाए। अशोक भाटी के विचारों को बैठक में उपस्थित लोगों ने गंभीरता से सुना और समाजहित में उनके प्रयासों की सराहना की।
बैठक में मुख्य रूप से डॉ. जिले राम कपासिया, ऐड डिब्लू मुंडन, गजराज सिंह भाटी, सिंहराज गुर्जर, सुनील भाटी, अनिल खारी, कमलजीत खारी, सुधीर भाटी, विजय नागर सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।।
