गौतमबुद्धनगर: भीषण गर्मी में गौवंशों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त, गौशालाओं में सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश!!
एडीएम न्यायिक प्रियंका की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय समीक्षा बैठक, गौ संरक्षण को लेकर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
दो टूक//गौतम बुद्ध नगर, 20 मई 2026।
जनपद में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण और गौ आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) प्रियंका ने की। बैठक में परियोजना निदेशक नेहा सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार सहित नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में गौ आश्रय स्थलों के संचालन, प्रबंधन, व्यवस्थाओं और गोवंश संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से समीक्षा की गई। एडीएम न्यायिक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भीषण गर्मी को देखते हुए जनपद की सभी गौशालाओं में गोवंशों के लिए पर्याप्त छायादार स्थान, स्वच्छ एवं ठंडे पेयजल, हरे चारे, भूसे और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गर्म हवाओं और हीट वेव से गोवंशों को बचाने के लिए पंखे, कूलिंग सिस्टम एवं अन्य आवश्यक इंतजाम तत्काल प्रभाव से किए जाएं ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही सामने न आए।
बैठक के दौरान गो संवर्धन एवं संरक्षण कोष को मजबूत बनाने पर भी गंभीर चर्चा हुई। एडीएम न्यायिक ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं, विभिन्न संगठनों और आम जनमानस की सहभागिता से इस कोष को सशक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि गौ संरक्षण केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी को इसमें बढ़-चढ़कर सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में निराश्रित गोवंशों के शत-प्रतिशत संरक्षण के उद्देश्य से विशेष अभियान चलाया जाए और सड़कों व सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे गोवंशों को सुरक्षित रूप से गौ आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाए। साथ ही ग्राम सभाओं की खाली पड़ी भूमि पर हरा चारा उगाने की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए, जिससे गौशालाओं में चारे की स्थायी उपलब्धता बनी रहे।
एडीएम न्यायिक ने सभी नोडल अधिकारियों को नियमित रूप से गौशालाओं का निरीक्षण करने तथा गोवंशों की वास्तविक संख्या का सत्यापन रजिस्टर और पोर्टल से मिलान कर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा गौ आश्रय केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का आईपी एड्रेस एवं आईडी-पासवर्ड तीन दिनों के भीतर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए।
बैठक के अंत में एडीएम न्यायिक ने कहा कि गौ संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि गौवंशों की सुरक्षा और देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
