मंगलवार, 12 मई 2026

गौतमबुद्धनगर:“अन्याय के खिलाफ आवाज दबाना बंद करे प्रशासन”: अशोक भाटी

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गौतमबुद्धनगर:“अन्याय के खिलाफ आवाज दबाना बंद करे प्रशासन”: अशोक भाटी

 !!वरिष्ठ संवाददाता देव गुर्जर!!

धरना दे रहे कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भाकियू जिलाध्यक्ष का बड़ा बयान, किसानों के आंदोलन को बताया जनहित की लड़ाई

दो टूक// गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर स्थित जिला कार्यालय परिसर में चल रहे धरना प्रदर्शन को लेकर अब किसान संगठनों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने देर रात धरना स्थल से कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल भेजे जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए प्रशासन पर लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया है।

सूरजपुर जिला कार्यालय परिसर में करप्शन फ्री इंडिया संगठन के संयोजक प्रवीण भारतीय के नेतृत्व में प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों में कथित खुली लूट, जिला प्रशासन की कथित मिलीभगत, भूजल दोहन, बिल्डरों की मनमानी, किसानों के भविष्य से जुड़े मुद्दों और क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जा रहा था। धरने में किसान, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल थे।

बताया गया कि देर रात पुलिस प्रशासन धरना स्थल पर पहुंचा और वहां मौजूद कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद किसान संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

भाकियू जिलाध्यक्ष अशोक भाटी ने प्रशासन की कार्रवाई को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि वार्ता के दौरान सहमति नहीं बन पाई तो इसका मतलब यह नहीं कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहे लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए।

अशोक भाटी ने कहा,
“अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने वालों को डराने और दबाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन किसान और आम जनता की लड़ाई को इस तरह खत्म नहीं किया जा सकता। प्रशासन को दमनकारी रवैया छोड़कर जनसमस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि गौतमबुद्धनगर का किसान लंबे समय से अपनी जमीन, मुआवजा, रोजगार, बढ़ती महंगाई, बिल्डरों की मनमानी और क्षेत्र में गिरते भूजल स्तर जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। बावजूद इसके किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। जब किसान और सामाजिक संगठन इन मुद्दों को उठाते हैं तो उन्हें दबाने की कोशिश की जाती है।

अशोक भाटी ने गिरफ्तार किए गए सभी कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग करते हुए कहा कि प्रशासन को आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक वार्ता करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों और आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और इसी तरह दमनात्मक कार्रवाई जारी रही, तो आने वाले समय में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।

उन्होंने साफ कहा कि भारतीय किसान यूनियन किसानों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई लगातार मजबूती से लड़ती रहेगी तथा किसी भी प्रकार की तानाशाही और अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। किसान संगठनों ने प्रशासन से संयम बरतने और जनसमस्याओं के समाधान के लिए गंभीर पहल करने की मांग की है।।