गौतमबुद्धनगर: कंबोडिया तक फैले डिजिटल अरेस्ट गैंग का खुलासा, नोएडा साइबर पुलिस ने ई-सिम एक्टिवेट करने वाला एजेंट दबोचा!!
दो टूक//गौतमबुद्धनगर की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले का खुलासा करते हुए हरियाणा से एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय मोबाइल नंबर को ई-सिम के रूप में एक्टिवेट कर उसे कंबोडिया में संचालित साइबर ठगों तक पहुंचाने का आरोप है। इसी नंबर का इस्तेमाल कर नोएडा के एक व्यक्ति को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराकर करीब 85 लाख रुपये की ठगी की गई थी।
पुलिस के अनुसार, साइबर क्राइम थाना नोएडा में दर्ज मुकदमे की जांच के दौरान सामने आया कि पीड़ित को खुद को पुलिस, जांच एजेंसी और सरकारी अधिकारी बताने वाले साइबर अपराधियों ने कई दिनों तक डिजिटल अरेस्ट की धमकी देकर मानसिक दबाव में रखा। ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पीड़ित से लाखों रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, मोबाइल डेटा विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के जरिए जांच आगे बढ़ाई। जांच में पता चला कि जिस मोबाइल नंबर का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट के लिए किया गया, उसे एक मोबाइल कंपनी के पीओएस एजेंट द्वारा ई-सिम के रूप में एक्टिवेट किया गया था। एक्टिवेशन के बाद इस नंबर का उपयोग कंबोडिया से संचालित साइबर गैंग द्वारा किया जा रहा था।
इसके बाद थाना साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रविवार 18 मई 2026 को गुरुग्राम, हरियाणा से आरोपी सूरज पुत्र फूल सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है और उसकी शैक्षिक योग्यता 10वीं बताई जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितने मोबाइल नंबर और ई-सिम विदेशी साइबर ठगों को उपलब्ध कराए हैं तथा इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी अब भारत में सक्रिय एजेंटों की मदद से मोबाइल नंबर और ई-सिम हासिल कर विदेशी ठगी नेटवर्क चला रहे हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों में अपराधी खुद को पुलिस, CBI, ED या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और फिर बैंक खातों से रकम ट्रांसफर करा लेते हैं।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम पर मु0अ0सं0- 42/2026 के तहत धारा 308(2), 318(4), 319(2) बीएनएस और 66, 66D आईटी एक्ट के अंतर्गत मुकदमा दर्ज है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर पूरे गिरोह की कड़ियां खंगाल रही है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को पुलिस, CBI या ED अधिकारी बताकर पैसे मांगने वालों पर भरोसा न करें। किसी भी अज्ञात लिंक, ऐप या स्क्रीन शेयरिंग अनुरोध को स्वीकार न करें और OTP, बैंक डिटेल्स, UPI PIN व पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें या राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
