गौतमबुद्धनगर: नोएडा सेक्टर-63 की दो फैक्ट्रियों में भीषण अग्निकांड, आसमान में उठीं धुएं की काली लपटें, लाखों का माल जलकर राख!!
दो टूक//नोएडा। औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-63 में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब दो फैक्ट्रियों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि कुछ ही देर में पूरे इलाके में धुएं का काला गुबार छा गया और दूर-दूर तक ऊंची उठती आग की लपटें दिखाई देने लगीं। घटना के बाद आसपास की फैक्ट्रियों में काम कर रहे कर्मचारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
जानकारी के अनुसार थाना सेक्टर-63 क्षेत्र के अंतर्गत स्थित D-139 शौर्य एक्सपोर्ट तथा D-140 ईगल बिजनेस कॉर्पोरेशन (बैग निर्माण कंपनी) में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्रियों में कपड़े, बैग और अन्य ज्वलनशील सामग्री भारी मात्रा में रखी होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि लपटें कई फीट ऊपर तक उठती दिखाई दीं, जबकि धुएं के गुबार से पूरे इलाके का वातावरण धुंधला हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग हरकत में आया और करीब 16 फायर टेंडरों को मौके पर भेजा गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग को काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि फैक्ट्री के अंदर रखा कपड़ा, बैग और अन्य सामान लगातार आग पकड़ रहा था।
मौके पर सीएफओ गौतमबुद्धनगर सहित पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और लगातार राहत कार्य की निगरानी करते रहे। पुलिस द्वारा आसपास के क्षेत्र को खाली कराकर सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई ताकि कोई बड़ा हादसा न हो सके।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस अग्निकांड में फैक्ट्री के अंदर रखा लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया है। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। समय रहते कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट की जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
इस भीषण अग्निकांड के बाद एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच और अग्निशमन उपकरणों की प्रभावी व्यवस्था बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।।
