गौतमबुद्धनगर: सेक्टर-51 की समस्याओं को लेकर नोएडा प्राधिकरण पहुंची आरडब्ल्यूए, ट्रैफिक, सीवर, नॉइस पॉल्यूशन समेत 18 मुद्दों पर उठाई आवाज!!
दो टूक//नोएडा। सेक्टर-51 नोएडा की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर सोमवार को आरडब्ल्यूए प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी श्री कांति शेखर और वर्क सर्कल-3 के सीनियर मैनेजर श्री प्रवीण सालोनिया से मुलाकात कर ट्रैफिक जाम, सीवर ओवरफ्लो, नॉइस पॉल्यूशन, टूटी सड़कों, अवैध व्यावसायिक गतिविधियों और ग्रीन बेल्ट संरक्षण सहित 18 प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-51 और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बढ़ती समस्याओं के कारण निवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दौरान ओएसडी श्री कांति शेखर ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं सीनियर मैनेजर श्री प्रवीण सालोनिया ने आश्वासन दिया कि समस्याओं के समाधान के लिए प्राथमिकता के आधार पर कार्य किया जाएगा तथा 15 मई 2026 को सेक्टर-51 का निरीक्षण कर अन्य समस्याओं का भी जायजा लिया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में डीडी आरडब्ल्यूए अध्यक्ष श्री एन.पी. सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजीव कुमार, उपाध्यक्ष श्री अनिल सिंह, सेक्टर-51 मैनेजिंग कमेटी के सदस्य अरविंद शर्मा, निवासी इंद्रजीत सिंह, मास्टर जी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
ट्रैफिक और रोड इंजीनियरिंग पर विशेष जोर
आरडब्ल्यूए ने सेक्टर-51 और आसपास की सड़कों पर लगातार बढ़ रहे एक्सीडेंट और ट्रैफिक जाम पर चिंता व्यक्त करते हुए रोड इंजीनियरिंग सुधारने, यू-टर्न व्यवस्थित करने, रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड लगाने तथा अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की। विशेष रूप से बीडीएस मार्केट और क्लाउड-9 अस्पताल के सामने होने वाले अतिक्रमण को तत्काल हटाने का अनुरोध किया गया।
मेट्रो और ट्रैफिक से बढ़ रहा नॉइस पॉल्यूशन
प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-51 के डी और ई ब्लॉक में नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन स्टेशन और मेट्रो ट्रैक के नीचे चलने वाले भारी ट्रैफिक से हो रहे ध्वनि प्रदूषण को गंभीर समस्या बताया। आरडब्ल्यूए ने ग्रीन बेल्ट के साथ साउंड बैरियर लगाने की मांग करते हुए कहा कि सुबह से देर रात तक मेट्रो, ट्रकों और भारी वाहनों के शोर से निवासियों की दिनचर्या और स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
खुले नालों और वेंडिंग जोन का मुद्दा भी उठा
आरडब्ल्यूए ने शहर के बड़े खुले नालों को कवर कर उनके ऊपर व्यवस्थित वेंडिंग जोन विकसित करने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना था कि खुले नाले गंदगी, दुर्गंध और जाम की वजह बन रहे हैं, जबकि फुटपाथों पर अवैध रेहड़ी-पटरी से सेक्टरों की एंट्री प्रभावित हो रही है।
बारात घरों की सुरक्षा और सुविधाओं पर सवाल
सी-7 स्थित बारात घर को क्लब और बैंक्वेट हॉल की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की मांग भी उठाई गई। आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाया कि बारात घर में फायर फाइटिंग सिस्टम, ग्रीज ट्रैप और बेसमेंट ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है, जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
सीवर ओवरफ्लो और टूटी सड़कों से परेशान निवासी
ज्ञापन में बताया गया कि सेक्टर-50, 51 और 49 समेत कई इलाकों में पिछले कई महीनों से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। वहीं सेक्टर की कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिससे जाम और प्रदूषण दोनों बढ़ रहे हैं। क्लाउड-9 अस्पताल के सामने की सड़क, फुटपाथ और नालियों की तत्काल मरम्मत की मांग की गई।
आवारा कुत्तों और डॉग पॉलिसी पर भी उठे सवाल
आरडब्ल्यूए ने आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या और डॉग पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की। पार्कों में बिना पट्टे और मज़ल के घूम रहे पालतू कुत्तों को लेकर भी चिंता जताई गई। सेक्टर-50 और 51 के बड़े पार्कों में नियमों संबंधी बड़े बोर्ड लगाने का सुझाव दिया गया।
ग्रीन बेल्ट और अवैध कमर्शियल गतिविधियों पर विरोध
प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टरों की ग्रीन बेल्ट को बिल्डरों को दिए जाने का विरोध करते हुए इसे पर्यावरण के लिए खतरा बताया। साथ ही रेजिडेंशियल सेक्टरों में संचालित पीजी, गेस्ट हाउस, ओयो होटल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।
हेलीकॉप्टर व्यवस्था और सिटीजन चार्टर लागू करने की मांग
आरडब्ल्यूए ने हाईराइज इमारतों में आग या आपदा की स्थिति से निपटने के लिए हेलीकॉप्टर जैसी आपदा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने की भी मांग रखी। साथ ही नोएडा प्राधिकरण में “सिटीजन चार्टर” को प्रभावी रूप से लागू कर जवाबदेही और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
आरडब्ल्यूए महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि सेक्टर-51 और आसपास के क्षेत्रों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं और यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो निवासियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नोएडा प्राधिकरण इस बार सभी मुद्दों पर गंभीरता से काम करेगा।।
