गुरुवार, 9 अप्रैल 2026

मऊ :सरकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु 'किसान पहचान पत्र' अनिवार्य : डी एम।।||Mau:A 'Farmer Identity Card' is mandatory to avail benefits of government schemes: DM.||

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मऊ :
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने हेतु 'किसान पहचान पत्र' अनिवार्य : डी एम।।
। देवेन्द्र कुशवाहा।
दो टूक : मऊ जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि फार्मर आईडी बनाने हेतु जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में 6 से 15 अप्रैल तक कैंप लगाकर अभियान चलाया जा रहा है किसान अपनी आईडी बनवा ले जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।।
विस्तार :
उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के क्रम में जिला अधिकारी प्रवीण मिश्र ने जनपद मऊ के समस्त कृषकों को सूचित किया है कि अब सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए 'किसान पहचान पत्र' (Farmer ID) होना अनिवार्य कर दिया गया है। शासन की मंशा के अनुरूप, कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने और वास्तविक लाभार्थियों तक सीधे लाभ पहुँचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि भारत सरकार की 'एग्रीस्टैक' योजना के तहत जनपद मऊ में लगभग 75 प्रतिशत किसानों की आईडी तैयार की जा चुकी है। शेष बचे किसानों के पंजीकरण हेतु जनपद के समस्त ग्राम पंचायतों में 6 से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि भविष्य में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की आगामी किस्तें केवल उन्हीं कृषकों को हस्तांतरित की जाएंगी, जिनका किसान पहचान पत्र जारी हो चुका है।
इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा वितरित किए जाने वाले बीज, उर्वरक, कीटनाशी और अन्य निवेशों के चयन हेतु अब किसान आईडी ही मुख्य आधार होगी। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं, धान, दलहन और सरसों की बिक्री करने से पूर्व किसानों के पहचान पत्र का सत्यापन अनिवार्य होगा। बिना आईडी के सरकारी खरीद संभव नहीं होगी।
मई 2026 से POS मशीनों के माध्यम से खाद वितरण की प्रक्रिया को भी 'एग्रीस्टैक' पोर्टल से जोड़ दिया जाएगा, जिसके लिए फार्मर आईडी अनिवार्य होगा। जिन किसानों का किसान पहचान पत्र नहीं बना होगा वे इन सभी सरकारी सुविधाओं से वंचित हो जाएंगे।
इसके अलावा 31 मई 2026 के बाद उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और लघु सिंचाई जैसे सहयोगी विभागों की योजनाओं का लाभ भी इसी फार्मर आईडी के आधार पर दिया जाएगा।
जिलाधिकारी ने जनपद के सभी कृषकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने क्षेत्र के राजकीय कृषि बीज भंडार, विकास खंड कार्यालय या ग्राम पंचायत में 15 अप्रैल तक आयोजित होने वाले कैंपों में संपर्क कर अपना पंजीकरण (Farmer ID) अवश्य सुनिश्चित कराएं, ताकि वे भविष्य में किसी भी सरकारी लाभ से वंचित न रहें।