मऊ :
वन विभाग का कार्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं होना चाहिए।।
।देवेन्द्र कुशवाहा।
दो टूक : मऊ प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष, वन विभाग, उत्तर प्रदेश, सुनील चौधरी, आई.एफ.एस. ने सामाजिक वानिकी प्रभाग, मऊ में आयोजित किया।
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“संवाद–2026”* कार्यक्रम के अंतर्गत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित किया। इस अवसर पर उन्होंने विभागीय कार्यों की समीक्षा करते हुए कर्मचारियों की समस्याओं को सुना तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि वन विभाग का कार्य केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसके साथ नवीन तकनीकों एवं नवाचारों को भी अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन एक गंभीर वैश्विक चुनौती बन चुका है, जिसके प्रभाव को कम करने में वन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। अतः सभी अधिकारी एवं कर्मचारी इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य करें।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने मऊ वन प्रभाग के अंतर्गत मऊ रेंज की नर्सरी का निरीक्षण किया तथा निर्देश दिया कि नर्सरी में जैविक खाद का अधिकाधिक प्रयोग किया जाए, जिससे पौधों की गुणवत्ता में सुधार हो तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
उन्होंने कर्मचारियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनाए रखें तथा जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करें। साथ ही, उन्होंने विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया।
इस अवसर पर डॉ. वी.सी. ब्रह्मा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, डॉ. टी. रंगा राजू, वन संरक्षक, आजमगढ़, अजीत प्रताप सिंह, प्रभागीय निदेशक, गाजीपुर सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. हेमंत कुमार यादव, जिला परियोजना अधिकारी द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पी.के. पाण्डेय, प्रभागीय निदेशक, मऊ द्वारा प्रस्तुत किया गया।
